बालोद। रविवार को बालोद के आदर्श स्कूल (वर्तमान नाम हिंदी माध्यम आत्मानंद स्कूल) में हुई नीट की परीक्षा में लापरवाही को लेकर विद्यार्थियों में आक्रोश है। इस मामले को लेकर बालोद के पार्षद और व्यापारी संघ अध्यक्ष राजू पटेल के नेतृत्व में परीक्षार्थियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि यह परीक्षा राष्ट्रीय स्तर का है। इसमें निर्णय लेना उनके दायरे से बाहर है। मामले की जानकारी उच्च विभाग को भेज दी जाएगी और आगे कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन लेने की बात उन्होंने कही है। ज्ञापन के जरिए परीक्षार्थियों ने मांग किया कि एनटीए नीट 2024 परीक्षा का आयोजन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बालोद मेंआयोजित किया गया था। जिसमें प्रश्न पत्र वितरण के 1 घंटे बाद पुनः दूसरा प्रश्न पत्र वितरण किया गया। उक्त परीक्षा में प्रारंभ से लेकर अंत तक अनेकों त्रुटियां थीं। परीक्षा समय अवधि समाप्ति पश्चात परीक्षार्थी और पालकों के द्वारा विरोध करने पर संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल के समक्ष पंचनामा तैयार किया गया। इसमें सभी घटनाक्रम का उल्लेख है। इस घटना से समस्त विद्यार्थी और पालक मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे हैं। न्याय न मिलने की स्थिति में घटना से आहत होकर अगर कोई जनहानि होती है तो उसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। पार्षद राजू पटेल ने कलेक्टर से मामले में जल्द न्याय की उम्मीद जताई। इस दौरान प्रमुख रूप से पालक संजय सोनबोइर ,परीक्षार्थी लिपिका सोनबोइर, लिसा धाकड़, नेहा रजक, दिव्या साहू, दीपक कुमार साहू सहित अन्य मौजूद रहे। परीक्षार्थियों ने कहा कि उक्त परीक्षा 2 से 5:20 बजे तक आयोजित थी। परीक्षार्थी को पहला पेपर 1:55 बजे बांटी गई। प्रश्न पेपर सॉल्व करने के दौरान पर्यवेक्षक द्वारा 40 से 50 मिनट के बाद बताया गया कि पहला पेपर जिसे सॉल्व कर रहे थे उन्हें न बनाकर दूसरा पेपर दिया गया। उसे सॉल्व करने के लिए बोला गया और पहला पेपर को वापस ले लिया गया। एक्स्ट्रा समय दिए जाने की बात कही गई लेकिन बाद में समय नहीं दिया गया। परीक्षा सत्र में अंतिम समय में पेपर जमा करने हेतु दुर्व्यवहार किया गया। परिक्षार्थियो द्वारा मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और विद्यार्थियों का किसी भी प्रकार से अहित न हो। परिक्षार्थियों द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए द्वारा बोनस अथवा पुनः परीक्षा की मांग की जा रही है।
नीट एग्जाम में लापरवाही: मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे परीक्षार्थी, कुछ हुआ तो जवाबदारी शासन-प्रशासन की,,,,
