बालोद। जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम पोंडी में ऐमन-एकता मिश्रा एवं समस्त मिश्रा परिवार द्वारा आयोजित देवी भागवत की मंगलमय कथा के छठवें दिवस की कथा अमलिपदर निवासी श्री युवराज पांडे जी ने शिव पार्वती संवाद एवं पार्वती विवाह की मंगल कथा श्रवण कराए।

गुप्त नवरात्रि के अवसर को पावन व पुण्य करते हुए आयोजित कथा में बड़ी संख्या में जनमानस उपस्थित हो रहें है।

मन्त्रो की दिव्यता,वेद की ऋचा,मानस के चौपाई का गान करते मंगल कथा अविरल रसपान करा रहे हैं।
कथा में बताएं कि
हिंदू धर्म में सभी देवी देवताओं में सबसे बड़ा शिव को माना जाता है।. ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव ही दुनिया को चलाते हैं.

वह जितने भोले हैं उतने ही गुस्सै वाले भी हैं. शास्त्रों के मुताबिक सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. शिव जी को प्रसन्न करने के लिए लोग व्रत करते हैं। क्या आपको पता है कि भगवान शिव का विवाह बहुत ही अनूठा और और अद्भूत था. शिव विवाह से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं. कहते हैं कि भगवान शिव का विवाह बहुत ही अलग ढंग से हुआ था और उनकी बारात भी सबसे अलग थी।शिव विवाह
भगवान शिव के विवाह के बारे में पुराणों में वर्णन मिलता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने सबसे पहले सती से विवाह किया था. भगवान शिव का यह विवाह बड़ी जटिल परिस्थितियों में हुआ था. सती के पिता दक्ष भगवान शिव से अपने पुत्री का विवाह नहीं करना चाहते थे लेकिन ब्रह्मा जी के कहने पर यह विवाह सम्पन्न हो गया. एक दिन राजा दक्ष ने भगवान शिव का अपमान कर दिया जिससे नाराज होकर माता सती ने यज्ञ में कूदकर आत्मदाह कर ली. इस घटना के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन हो गए. उधर माता सती ने हिमवान के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया. जिनके साथ भगवान का मांगलिक कार्य पूर्ण हुआ।
परिजन दानेश्वर मिश्रा ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने हेतु कचरू सिन्हा,जितेंद्र गुप्ता,भारत साहू,अजय साहू,गोकर्ण साहू,दिनेश साहू,मुरलीधर साहू, उमेश साहू,सोमनाथ,राजकुमार कोलियारा,हेमू साहू,रामकुमार, दिनेश,नुमेश,डामन दास, सहित शीतला मंदिर के बैगा एवं पंच लगे हुए हैं।
