ग्राम देउरतराई से IIT भिलाई और जिला प्रशासन ने शुरू किया वैज्ञानिक सर्वेक्षण

बालोद। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी को नया जीवन देने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक पहल की शुरुआत कर दी गई है। शुक्रवार को ग्राम देउरतराई से आईआईटी भिलाई, जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन की टीम द्वारा अत्याधुनिक यूएवी ड्रोन सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया।
ड्रोन तकनीक के माध्यम से तांदुला नदी का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस सर्वे के आधार पर नदी की जल गुणवत्ता में सुधार, सिल्टेशन (गाद जमाव) तथा प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य तांदुला नदी को भविष्य में संतुलित, स्वच्छ एवं पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ नदी तंत्र के रूप में विकसित करना है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन बालोद एवं आईआईटी भिलाई के बीच तांदुला नदी के सर्वेक्षण एवं पुनर्जीवन कार्य को लेकर अनुबंध किया गया है। इसके अंतर्गत तांदुला नदी से लेकर हीरापुर एनीकट तक के क्षेत्र का अध्ययन कर संरक्षण एवं विकास की योजना तैयार की जाएगी।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
ड्रोन सर्वे के शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्रीमती नूतन कंवर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं आईआईटी भिलाई की तकनीकी टीम उपस्थित रही।

जिला प्रशासन की इस पहल को जिले में पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












