बालोद। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम चिटौद और चंदनबिरही में एक दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया, जहां एआई-आधारित अत्याधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से कुल 187 लोगों की जांच की गई। इसमें चिटौद के 121 एवं चंदनबिरही के 66 लोगों का एक्स-रे परीक्षण किया गया।

यह अभियान 24 मार्च 2026 से चल रहे 100 दिवसीय प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन, जिला स्वास्थ्य विभाग नोडल अधिकारी डॉ. जी.आर. रावटे तथा खंड चिकित्सा अधिकारी गुरूर डॉ. सुनील भारती के संयोजन में किया गया।
निक्षय मित्र बनकर मरीजों की मदद की अपील
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुरूर प्रभारी डॉ. कमल किशोर सिन्हा ने बताया कि निक्षय पोर्टल के माध्यम से टीबी मरीजों को निःशुल्क उपचार, जांच एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था या कॉरपोरेट “निक्षय मित्र” बनकर टीबी मरीजों की सहायता कर सकता है।
चंदनबिरही को टीबी मुक्त बनाने में अहम भूमिका
आयुष्मान आरोग्य केंद्र चंदनबिरही (चिटौद) के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक नीलकमल सिन्हा गांव को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में विशेष कार्य कर रहे हैं। वे स्वयं 7 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें निक्षय पोषण आहार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका
अभियान में बीईटीओ डॉ. के.आर. उर्वशा, सेक्टर सुपरवाइजर ए.के. काहिरा, सरपंच तीरथ यादव (चिटौद), सरपंच गोकुल मंडावी (चंदनबिरही) तथा सहायक शिक्षक ईश्वरी कुमार सिन्हा ने भी लोगों से टीबी मरीजों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
स्वास्थ्य शिविर में कौशल कुमार कुंभकार (रेडियोग्राफर, बालोद), लीना मंडावी (सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर, गुरूर), आरएचओ (महिला) सीमा सिन्हा, सीएचओ वेदगंगा साहू, मितानिन भागेश्वरी साहू, चन्द्रिका टांडे, सरस्वती राव, विद्या उइके, तुलसी जोगी, जानकी साहू, कामनी साहू, कुसुमलता साहू, दिव्या निर्मलकर, अनीता साहू एवं शीतला साहू सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि टीबी और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है, और यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
