बालोद, 15 मई 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के तहत जिला जेल बालोद में बंदियों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने हेतु आज विधिक सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया।
इस हेल्प डेस्क का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद श्री एस.एल. नवरत्न द्वारा किया गया।
न्याय तक आसान पहुंच का उद्देश्य
इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री नवरत्न ने बताया कि इस हेल्प डेस्क की स्थापना का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों और उनके परिजनों को समय पर सही कानूनी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जानकारी एवं संसाधनों के अभाव में कई बार परिजनों को कानूनी प्रक्रियाओं की सही समझ नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस व्यवस्था से अब उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन आसानी से मिल सकेगा।
इन विषयों पर मिलेगी सहायता
हेल्प डेस्क के माध्यम से परिजनों को बंदियों के प्रकरणों की स्थिति की जानकारी, जमानत प्रक्रिया एवं कानूनी प्रक्रिया का मार्गदर्शन, अपील से संबंधित जानकारी, बंदियों के कानूनी अधिकारों की जानकारी तथा अन्य आवश्यक विधिक परामर्श प्रदान किया जाएगा।
नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगे विधिक अधिकारी
हेल्प डेस्क में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ श्री श्रीनिवास पांडे तथा पैरा लीगल वालंटियर्स नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, जो बंदियों के परिजनों की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक कानूनी सहयोग एवं सलाह प्रदान करेंगे।
न्याय सभी का अधिकार: न्यायिक अधिकारियों का संदेश
इस अवसर पर जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती हीरा सिन्हा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, जेल अधीक्षक श्री एस.पी. कुर्रे सहित अन्य अधिकारी एवं पैरालीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि न्याय प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
