रायपुर । छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकृत वेबसाईट cgschool.in पढ़ई तुंहर दुआर के हमारे नायक कॉलम में चुने गए धरसींवा विकासखंड के शिक्षक लोकेश कुमार वर्मा के द्वारा स्टोरीविवर में कहानियों का अनुवाद व राज्य स्तर पर पढ़ई तुंहर दुआर में ब्लॉग लेखन का कार्य किया जा रहा है । अभी तक शिक्षकों व विद्यार्थियों के 20 ब्लॉग का लेखन व प्रकाशन हो चुका है । शिक्षक लोकेश कुमार वर्मा के द्वारा स्टोरीविवर वेबसाईट में बच्चों की प्रेरक व मौलिक कहानियों का अंग्रेजी, हिन्दी व सरगुजिहा भाषा से छत्तीसगढ़ी में अनुवाद किया जा रहा है | साथ ही 60 से अधिक अनुवादित कहानियों का वेब साईट में प्रकाशन हुआ है ।
इनके द्वारा अनुवादित कहानियाँ है –
अद्भुत होली, ज्ञान की बातें, दुबला कुत्ता और मोटा राजा, रेल चलिस भाई रेल चलिस, आवव कुछु काही बनाबोन, ललचाहा मुसवा, गिल्ला अऊ सुख्खा, गोल मोल गोलू गोल, लावण्या ल रोटी पसनद हे, मोर मछरी नहीं मोर मछरी, नानकुन बंटी अऊ बबली साबुन, आमा के पेड़ मै अऊ कुकुर, कुम्भकरन गदहा, गोलमाल हे, एकता म बल हे, घुरवा के दिन तको बहुरथे, मजूर के नाव, बडकुन-नानकुन, मोर घर, वो हास दिस, आनंद मोर नाव हे, इस्कूल के मोर पहिली दिन, चुलबुल के पूछी, अलाल ममा, नोशी नाच नही सकती, दुबला कुत्ता और मोटा राजा, रंग, काली मिलबोन, भूखे सांप, आलू –कालू-मालू के कहानी, झंग्लू-मंगलू के नहई खोरई, सुनेव का, जैरा अऊ जोजो, नकलची कुकी, गोलू कहा हे, मीनू के उदिम, चुलबुली मुनमुन, मोर मरजी के सपना, नही, परसान चक्का, खिचरी अऊ मैगी के अदला बदली, कौआ रे कौआ, मोर खेलउना पुतरी कहा गवा गे, गोपू हलवई, बियाबान जंगल म छेरी, मगरमछ अऊ चिरई, मउसम, दू संगवारी, बबा के परसानी, अली अऊ लोटा, भईय्य अऊ मै, पिकनिक, महू करहु, मेडम मनटोरा के फटफटी ल फल फुल पसनद नई हे, मनटोरा के फटफटी ह भूखाय हे, कुछ सोज कुछ घुंघरालू, शीलू के जादू ताकत, घुघवा राजा के एक रात, मोर संगवारी, सरलग बोलव एक्के साँस म, खाव के ले जाव।
इन कहानियों को बड़े ही सरल और सहज रूप से परिवेशीय छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद किया गया है, जिसके उल्लेखनीय कार्य के आधार पर हमारे नायक के आठवे चरण में हमारे नायक चुने गये है, जिससे संकुल, विकासखंड और जिले का मान बढ़ा है। शिक्षक लोकेश कुमार वर्मा ने सम्पूर्ण लॉकडाउन के दौरान “पढई तुंहर दुआर” SCERT रायपुर के राज्य स्तरीय मिडिया सेंटर में अपनी सेवाएँ देने के दौरान सोशल मिडिया नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक, व्हाट्सअप, टेलीग्राम पर “पढ़ई तुंहर दुआर” के अपडेट को लगातार प्रदेश भर के शिक्षकों को उपलब्ध कराते रहे है। प्रदेश भर के शिक्षकों द्वारा किए नवाचारी गतिविधियों को प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित व प्रचारित करने के अलावा, बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से जोड़ने, वेब पोर्टल में सामग्री अपलोड करने आदि कार्यो में शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करते रहे है । इसके साथ ही जिला प्रशासन रायपुर द्वारा स्थापित कोविड नियंत्रण कक्ष में लगातार अपनी सेवाए देने और केंद्र प्रवर्तित योजना पढना लिखना अभियान में विकासखंड के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे शिक्षक लोकेश कुमार वर्मा द्वारा साथ कहानियों का राजभाषा छत्तीसगढ़ी में अनुवाद करना सराहनीय है ।
ज्ञात हो कि हमारे नायक कालम के लिए सर्वप्रथम राजभाषा छत्तीसगढ़ी में पहला ब्लॉग लिखने का श्रेय भी शिक्षक लोकेश कुमार वर्मा को ही जाता है । शिक्षक लोकेश कुमार वर्मा का ब्लॉग सूरजपुर जिले के नवाचारी शिक्षक व पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के हमारे नायक कॉलम के राज्य ब्लॉग लेखक टीम के लीडर गौतम शर्मा ने लिखा है।
