
बालोद। बालोद जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में यूरिया सप्लाई के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। मामले का खुलासा बुधवार को एएसपी डीआर पोर्ते ने किया। पकड़े गए आरोपी रिश्ते में जीजा साला हैं। जो कि मूल निवासी पत्थलगांव के हैं। लेकिन वर्तमान में वे दोनों मुंबई के मीरापुर इलाके में किराए के मकान में रहते थे। जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। एएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी जीजा गौरव अग्रवाल पूर्व में पत्थलगांव जिला जशपुर में यूरिया खाद व अन्य रसायनिक उर्वरक बेचने का दुकान चलाता था। अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए वह इंटरनेट से एरिया वाइज कृषि केंद्रों के संबंध में जानकारी हासिल करता था फिर उनका मोबाइल नंबर निकालता था और उन्हें यूरिया सप्लाई के नाम से झांसे में लेता था। बकायदा ट्रैवल एजेंसी के जरिए वह खाद की बुकिंग करवाता था और गाड़ी उक्त दुकान तक भेज कर बदले में पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेता था। तो वही इस काम में उनका साला सचिन कुमार निवासी बादशाहपुर गुड़गांव हरियाणा हाल मुकाम मीरा रोड मुंबई भी साथ देता था। दरअसल में जीजा काफी पैसों का खर्चीला था। जो कि बार जाने, शराब पीने सहित अन्य चीजों में काफी पैसा उड़ाता था। घर वाले ने उनके पैसे खर्च को देख कर उसे झगड़ा कर उसे घर से निकाल दिया था। जिसके बाद वह अपनी पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए अपने अनुभव का सहारा लेते हुए इस तरह खाद सप्लाई के नाम पर ठगी करना शुरू कर दिया। एएसपी ने कहा कि आरोपियों ने छत्तीसगढ़ में और कहां कहां ठगी की है। इसकी जांच चल रही है। अभी मामले में और कार्यवाही शेष है। बालोद जिले में उक्त आरोपियों द्वारा तीन थाना क्षेत्र में ठगी करने की बात स्वीकार की गई है। वहीं अन्य जिलों से भी इस संबंध में जानकारी हासिल कर रहे हैं। मुख्य आरोपी काफी शातिर था जो कि हर ठगी के पास मोबाइल फेंक देता था या नंबर ही बदल देता था। काफी मुश्किलों का सामना करके हमारी साइबर टीम के जरिए सुराग मिला और मामले में सफलता हासिल हुई। मुंबई के मीरापुर में भी पुलिस ने उन्हें बड़ी मुश्किल से तलाशा। कोई उनका पता बताने के लिए भी तैयार नहीं होता था।



