
बालोद/ डौंडी। डौंडी ब्लॉक के गांव में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। पुतरवाही सहित आसपास के गांव में लगभग 2 हफ्ते से हाथियों का डेरा बना हुआ है तो वहीं ग्रामीणों की ऐसी मजबूरी है कि वे रात में अपना घर द्वार छोड़कर दूसरे के घरों में जहां पक्के मकान है, उनके छतों में आश्रय ले रहे हैं। कड़ाके की ठंड में लोग छतों में रात गुजार रहे हैं। ताकि अपनी जान बचा सकें। भले ही घर टूट जाए लेकिन जान सलामत हो इस इरादे के साथ ग्रामीण छतों में पनाह ले रहे हैं। इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि कैसे लोग छत पर रात बिता रहे हैं।

यह नजारा किसी गर्मी के दिन का नही, ठंड के मौसम का है। जहां पर जान बचाने के लिए लोगों को ऐसी जुगत करनी पड़ रही है कि तस्वीरों को देखकर आपकी रूह कांप जाएगी। जहां लोग दो से तीन चादर ओढ़ कर सोते हैं वहां पर खुली छत में जान बचाने के लिए लोग छत पर ही सो रहे हैं।

पुतरवाही के देवलाल भुआर्य सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों को इलाके से भगाने को लेकर वन विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ गली में एलईडी बल्ब लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है। हाथियों के झुंड को यहां से दूर करना चाहिए। जान बचाने के लिए लोग छत पर सो रहे हैं। आखिर ऐसा कब तक चलता रहेगा। यही स्थिति रही तो वन विभाग का घेराव करना पड़ेगा। संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई है। लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
5 बजे प्रभावित ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे जनपद सदस्य संजय बैस

वहीं आज जनपद सदस्य संजय बैस ने अपने साथियों के साथ तड़के सुबह 5बजे ग्राम गुंडरा टोला में हाथियों के द्वारा नुकसान का निरीक्षण किया। प्रभावित किसानों ने बताया कि खेतो में अरहर और गेहूं और टमाटर के फसलों का खूब नुकसान किया गया है। किसान अपनी नुकसान का मुवावजा के लिये संजय बैस से आग्रह किये। प्रभावित किसान गोविंद चुरेन्द्र, मधु मसिया, गिरवर शिवना के अलावा 10 किसानों का नुकसान हुआ है। इन किसानो के समस्या देखते तुरन्त वन परिक्षेत्र अधिकारी को निर्देश देते हुए किसानों के नुकसान का प्राकलन तैयार कर शासन स्तर पर भेजने के लिये और उचित मुवावजा के लिये निर्देश दिए । निरीक्षण दल में अवध पिस्दा मोहन ठाकुर, डॉ नसीम खान, देवराज जैन, गांधी सिन्हा, हेमन्त भुआर्य, राधे बोगा मौजूद थे।
