बालोद। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने ब्लॉक व शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। जिसमें इस बार बालोद जिले में सिर्फ दो जगह दो लोगों को दोबारा अध्यक्ष बनाया गया है। तो वहीं बाकी जगहों पर नए लोगों को अध्यक्ष बना कर उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया गया है। जिन नए लोगों को भी अध्यक्ष बनाया गया है, वह कांग्रेस संगठन में लंबे समय से जुड़े हुए हैं। अलग-अलग पदों में रह चुके हैं। उनके अनुभव व कार्यकुशलता व मेहनत को देखते हुए उन्हें यह अध्यक्ष पद देकर इनाम दिया गया है। ताकि आने वाले चुनाव में फिर से संगठन सक्रिय रहे और जीत हासिल हो सके। बालोद क्षेत्र की स्थिति देखें तो यहां पर बालोद ब्लॉक में दुबारा मेड़की के रहने वाले चंद्रेश हिरवानी को अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बनाया गया है। तो वहीं शहरी क्षेत्र में नगर पालिका उपाध्यक्ष व 4 बार पार्षद रहने वाले अनिल यादव को नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बनाया गया है।

इन दोनों की नियुक्ति से बालोद के कांग्रेसियों में हर्ष का माहौल है। दोनों ने इस नियुक्ति पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम,प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, बीरेश ठाकुर,जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चन्द्रप्रभा सुधाकर, विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा का आभार जताते हुए कहा कि हम दिए गए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे।

नपा उपाध्यक्ष नवनियुक्त कांग्रेस कमेटी के नगर अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि उन्हें पहली बार यह पद मिला है। पूर्व में युवक कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा शहर की राजनीति में लगातार सफलता की ओर अग्रसर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए पहला अवसर है जब वे नगर अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को संगठन की एकजुटता के साथ आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे ताकि लगातार जो चुनाव में कांग्रेस को जीत और बढ़त मिली है, वह आगे भी कायम रहे। सभी कार्यकर्ता व वरिष्ठ नेताओं से समन्वय बनाकर काम करेंगे। ताकि पार्टी की एकता बनी रहे और चुनौतियों का सामना कर सके।

तो वहीं लगभग 18 साल से कांग्रेस से जुड़े हुए चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाकर उन्हें और बेहतर काम करने का मौका दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछला कार्यकाल 3 साल का रहा। जिसमें उनके कार्यों को देखते हुए उनके परफॉर्मेंस के आधार पर उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाया गया है। जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। वे पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके इसके अलावा युवा कांग्रेस व जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे हैं।
इधर महामंत्री से प्रमोट होकर अध्यक्ष बने भोज राम साहू

इधर दूसरी ओर गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो भोज राम साहू को अध्यक्ष बनाया गया है। जो कि पहले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री भी रहे हैं। उन्हें महामंत्री से प्रमोट करके अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अन्य जगहों पर अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।

इस तरह होता है अध्यक्षों का चयन, विधायक की अनुशंसा होती है महत्वपूर्ण
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक नगर व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष का चयन काफी छानबीन व विचार मंथन के बाद होता है। इसमें विधायक की अनुशंसा बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। जिनका कार्यशैली ठीक है, जिनका सबसे मेलजोल है, खासतौर से जो विधायक के चहेते, करीबी होते हैं। उन्हें अध्यक्ष बनने का मौका ज्यादा मिलता है। क्योंकि अगर जो अध्यक्ष बनाया जाए उससे अगर विधायक से मेलजोल ठीक ना हो तो विधानसभा में पार्टी को काफी प्रभाव पड़ता है। अगर अध्यक्ष विधायक के चहेते हो तो फिर पार्टी को भी मजबूती मिलती है और गुटबाजी की स्थिति नहीं आती। जिन्हें भी अध्यक्ष बनाया गया है सभी अपने अपने क्षेत्र के विधायकों के करीबी माने जाते हैं।
