बालोद। शनिवार को ग्राम झलमला के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में अटल टिकरिंग लैब का उद्घाटन मुख्य अतिथि संजारी बालोद की विधायिका संगीता सिन्हा ने किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में कृष्णा दुबे पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष थे। अध्यक्षता कृतिका साहू जिला पंचायत सदस्य ने की।

विशेष अतिथि उमा गिरधर पटेल, सरपंच ग्राम पंचायत झलमला, कमलेश श्रीवास्तव विधायक प्रतिनिधि, जमील बख्श कोषाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, ब्रम्ह देव पटेल बी.एस. पी सेल पूर्व महासचिव चन्द्रभान ठाकुर वरिष्ठ कांग्रेस,छन्नू साहू सांसद प्रतिनिधि, दानेश्वर सिन्हा सरपंच सिवनी, उमरादाह सरपंच, झलमला के वरिष्ठ सभी वरिष्ठ कांग्रेसी मौजूद थे।
मिलेगा ये लाभ

अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के विभिन्ना पहलुओं को समझाने के साथ-साथ उपकरणों और औजारों का इस्तेमाल कर कुछ नया करने का अवसर दिया जाएगा। अटल लैब में आईआर सेंसर से लेकर थ्री-डी प्रिंटर्स और अल्ट्रासोनिक सेंसर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे इस योजना के अंदर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शासकीय विद्यालयों के अलावा निजी विद्यालयों के चयन भी किया गया है। यह अत्याधुनिक तकनीक से यह लेस होंगे और बच्चों को बेहतर सीखने का मौका मिलेगा।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे व्याख्याता एमएल साहू ने बताया कि अटल टिंकरिंग लैब भारत सरकार द्वारा देश की शिक्षा व्यवस्था में पैराडाइम शिक्षा शिफ्ट लाने के मकसद से लांच की गई थी। जहां पर मशीन लर्निंग इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल, इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग तकनीकों से परिचित कराया जाता है। विद्यार्थियों के बीच आविष्कार, सृजनात्मक और वैज्ञानिक पहलुओं को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। बच्चों व युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए नीति आयोग ने देश भर इसे प्रारंभ किया। प्रथम चरण में दिल्ली के 15 स्कूल से इसकी शुरुआत हुई। बाद में देश भर में 3000 स्कूल का चयन हुआ। अगले साल तक 10,000 लैब स्थापित करने की योजना सरकार की है। लैब शिक्षिका सुनीता राणा ने अतिथियों व बच्चों को अटल लैब के बारे में जानकारी दी।
इधर किसानों ने सौंपा ज्ञापन

ग्राम झलमला, पारागांव, पाकुरभाट व चरोटा गांव के किसानों ने सामूहिक रुप से एक आवेदन विधायक के नाम से सौंपा। जिसमें पैरी वितरक नहर के लगभग आर डी क्रमांक 1000 मीटर पर पुलिया बनवाने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि पैरी वितरक नहर के लगभग आरडी क्रमांक 1000 मीटर पर पक्का पुलिया निर्माण की बहुत आवश्यकता है। जो ग्राम चरोटा पाकुरभाट धरसा सीमा के पास पड़ता है। वहां पर पुल का निर्माण नहीं होने के कारण झलमला, चरोटा, पारागांव, पाकुरभाट गांव के किसानों को बरसात के दिनों में कृषि कार्य करने एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उपरोक्त परेशानी को ध्यान में रखते हुए किसानों ने निवेदन किया है कि वहां पर पक्का पुलिया का निर्माण जल संसाधन विभाग की ओर से जल्द करवाने का प्रयास किया जाए ताकि इस परेशानी से राहत मिल सके। ज्ञापन सौंपने के लिए किसान शिव प्रसाद ठाकुर, जयराम, हेम लाल पटेल, भानु प्रताप, पीलाराम, गिरधर ठाकुर सहित अन्य पहुंचे थे। किसानों के अलावा वहां के सरपंचों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए उनके ज्ञापन में हस्ताक्षर करके विधायक से इस मांग को लेकर शीघ्र ध्यान देने की बात कही।
