जन्म से दृष्टिबाधित छात्र खेमलाल बना दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत, पढ़िए इनकी सफलता की कहानी ब्लॉग लेखक श्रवण कुमार यादव की कलम से



बालोद । कहा जाता है कि पर्याप्त अवसर व प्रोत्साहन मिले, तो विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चे (CWSN) भी सामान्य बच्चों की भांति अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकते हैं | इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, पढई तुंहर दुआर पोर्टल में आज के हमारे नायक के रूप में चयनित खेमलाल यादव, जो कि पूर्णतः दृष्टिबाधित विद्यार्थी होने के बाद भी एवं सामान्य स्कूल में बच्चों के साथ समावेशी शिक्षा ग्रहण करते हुए अपनी विशिष्ट प्रतिभा के माध्यम से हम सभी को प्रभावित कर रहे है | वह अपनी पढ़ाई के साथ साथ संगीत के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करते है बचपन में घर पर डिब्बों व बर्तनों को बजा-बजा कर तोड़ने की जानकारी जब उनके शिक्षकों को हुआ, तो उनके इस प्रतिभा को निखारने के लिए उसे उसके रूचि अनुरूप शिक्षा देकर प्रोत्साहित कर रहे हैं |

गुण्डरदेही तहसील के ग्राम पंचायत सुखरी निवासी खेमलाल यादव तीन भाई बहनों में तीसरे नम्बर के संतान है | वह अपने माता-पिता एवं भैया भाभी के साथ रहते है | इनके पिता व बड़े भाई मजदूरी करके जीवन यापन करते है |

ब्लॉग लेखक श्रवण कुमार यादव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला कोसा, गुण्डरदेही, जिला बालोद


दिव्यांग छात्र खेमलाल यादव के बारे में ब्लॉग लेखक श्रवण कुमार यादव ने बताया जन्म से ही दृष्टिबाधित खेमलाल समावेशी शिक्षा के लिए सामान्य बच्चों के साथ सामान्य विद्यालय में अध्ययनरत है | कोरोना संक्रमण कॉल की वजह से अभी ऑनलाइन पढ़ाई एवं कॉल कांफ्रेंस के साथ साथ दीक्षा एप के माध्यम से पढ़ाई जारी है | ऐसे दिव्यांग बच्चे मोबाईल से पढ़ाई के लिए विशेष साफ्टवेयर का उपयोग करते हैं | खेमलाल अपने सहपाठियों के बीच रहकर बेहद खुश रहते है |

शिक्षकों की प्रोत्साहन से मिली सफलता
बालोद जिले के गुण्डरदेही ब्लॉक के बीआरपी समावेशी शिक्षा परमेश्वर साहू ने जानकारी दिया कि खेमलालयादव एक दिव्यांग छात्र है, जो पूर्णतः 100% दृष्टिबाधित छात्र है | दिव्यांग छात्र खेमलाल बहुत ही प्रतिभाशाली छात्र है, जो बचपन से ही पढ़ाई के साथ साथ संगीत के क्षेत्र में गायन-वादन जैसे विधा एवं क्रिकेट सहित अन्य खेलकूद में भी विशेष प्रदर्शन करता है | ब्रेल लिपि सिखाने वाले BRP समावेशी शिक्षा परमेश्वर साहू ने आगे बताया कि खेमलाल ब्रेल लिपि में काफी एक्सपर्ट है | वह सभी पुस्तकें पढ़ लेता है |

संगीत में विशेष दक्षता, विभिन्न प्रतियोगिताओं में दे चुके है सहभागिता
विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र कचांदुर की म्यूजिक टीचर मंजू उके ने जानकारी दिया कि वह बचपन से संगीत में काफी रूचि रखता है| प्रारंभ में जब उनके घर जाते थे, तब उनके अभिभावकों ने जानकारी दिया कि वह बचपन से ही घर के पुराने डिब्बे, बर्तन इत्यादि को बजाते रहता था | जब वह समावेशी शिक्षा के लिए सामान्य स्कूल में प्रवेश लिया, तब से उनके रूचि के अनुरूप उन्हें प्रोत्साहित करते हुए उनको संगीत की विधिवत शिक्षा दिए जा रहे है| स्कूल में आयोजित विभिन्न आयोजनों में अपना प्रस्तुति देते रहता है| अभी वर्तमान में संगीत को एक विषय के रूप में लेकर अध्ययन कर रहा है | अभी कॉल कान्फ्रेंस के माध्यम से संगीत की शिक्षा दिया जा रहा है |

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मिला द्वितीय स्थान
दिव्यांग छात्र खेमलाल विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसम्बर के अवसर पर प्रतिवर्ष जिला स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिता में अपना प्रदर्शन करते आ रहे है | बालोद जिले सहित अविभाजित दुर्ग जिले में मंचीय प्रस्तुति देकर अधिकारियों व दर्शकों को अपने विलक्षण प्रतिभा से प्रभावित कर चुका है | विगत वर्ष 2018-19 में बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गायन एवं वादन में द्वितीय स्थान प्राप्त किए थे |

कम्प्यूटर सहित तकनीकी को सीखने में रूचि
विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र कचांदुर में खेमलाल को कम्प्यूटर सिखाने वाले शिक्षक अरविंद शर्मा स्वयं दृष्टिबाधित होने बावजूद अपने जीवन के संघर्षों को संज्ञान में लेते हुए बच्चों को कम्प्यूटर से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे है| उनके द्वारा बच्चों को कम्प्यूटर की शिक्षा देकर उनको यूट्यूब से विभिन्न शैक्षणिक सामाग्री के माध्यम से सीखने के लिए दक्ष कर रहे है | खेमलाल भी इस तकनीक के माध्यम से मोबाईल व कम्प्यूटर चलाना सीख चुका है | यूटयूब से कहानी, जीके के साथ साथ मनोरंजक कार्यक्रम इत्यादि देखने के लिए मोबाईल में टॉक बैक App का उपयोग करते है |

बचपन से प्रतिभाशाली है खेमलाल
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कचांदुर की प्राचार्या प्रीतिबाला मुले ने जानकारी दिया कि खेमलाल की प्रतिभा से अच्छी तरह से परिचित है | वह समावेशी शिक्षा ग्रहण करते हुए सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता देता है | कचांदुर विद्यालय के सभी शिक्षकों द्वारा ऐसे बच्चों के लिए काफी संवेदनशील प्रक्रिया अपनाई जाती है| खेमलाल के अलावा अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष रणनीति अपनाकर शिक्षा दिए जा रहे है |

क्रिकेट में विशेष रूचि
विद्यालय समय के पश्चात SRTC कचांदुर में रहने वाले बच्चों को विभिन्न खेलकूद गतिविधियों में भी संलग्न रखकर प्रशिक्षण दिया जाता है| खेमलाल की रूचि क्रिकेट खेलने में ज्यादा रहता है | इसके अलावा अन्य खेलों में भी सहभागिता देता है | पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अंतर्गत cgschool.in पोर्टल में हमारे नायक विद्यार्थी के रूप में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को स्थान देने की पहल से ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करने व उनके विशेष प्रतिभा को सभी के समक्ष लाने का अवसर मिल रहा है |

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