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सरस्वती शिशु मंदिर जगन्नाथपुर में मनाई गई नाग पंचमी, शिक्षकों ने बताया बच्चों को नाग का महत्व

बालोद । सरस्वती शिशु मंदिर जगन्नाथपुर में सोमवार को नाग पंचमी का पर्व पूजा-अर्चना कर मनाया गया। विद्यार्थियों ने नाग के छायाचित्र पर पुष्पमाला व गुलाल लगाकर पूजा की। नागपंचमी के अवसर पर कुछ छात्र-छात्राएं कॉपी में पेंटिंग कर आकर्षक नाग बनाए थे। जिसकी भी पूजा की गई।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य ताराचंद साहू ने कहा कि हिंदू धर्म में प्राचीनकाल से नागों को पूजनीय माना गया है। नाग पूजा हिंदू धर्म का अभिन्न अंग है। हर साल सावन मास के शुल्क पक्ष के पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। लोक जीवन में लोगों का नागों से गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से नागपंचमी के महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। शिक्षक रेखलाल देशमुख, धनंजय साहू ने कहा कि वर्षा ऋतु में खेतों में पानी भर जाता है, तब नाग भू-गर्भ से निकलकर भूतल में आ जाते हैं। वे हमारे खेतों को नुकसान पहुचाने वाले कीड़े-मकोड़े एवं जीव-जंतु से फसलों की रक्षा करते हैं। मनुष्य को नागों की रक्षा करना चाहिए ना ही उन्हें अकारण सताना चाहिए। इस दिन भूमि की खुदाई करना निषिद्ध है। नागपंचमी पर नाग की पूजा अर्चना करके जीवन के सभी मुश्किलों को आसान बनाया जा सकता है। इस अवसर पर शिक्षिकाएं खेमिन साहू, भावना सुनहरे, रीना देशलहरे, लक्ष्मी साहू, माधुरी यादव, चैन कुमारी, केसर साहू, शांति साहू आदि मौजूद रहे।

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