जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव क्रांति भूषण साहू ने की गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस में दावेदारी, सौंपा आवेदन



बालोद । गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से विधायक का चुनाव लड़ने के लिए संयुक्त सचिव जिला कांग्रेस कमेटी बालोद क्रांति भूषण साहू ने दावेदारी प्रस्तुत की है। इस संबंध में उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को अपना आवेदन पेश किया है।

जिसमें उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जानकारी संलग्न की है। वर्तमान में वे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्जुंदा के आमंत्रित सदस्य 2021 से हैं। 2020 से जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव पद पर हैं। वही पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिला बालोद के आमंत्रित सदस्य भी हैं। इसके पहले वे संगठन में महामंत्री गुंडरदेही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस संगठन मंत्री दुर्ग जिला, महामंत्री किसान कांग्रेस कमेटी जिला दुर्ग पद पर भी रह चुके हैं।भरदाकला में पंचायत स्तर के चुनाव में उपसरपंच, सरपंच और जनपद सदस्य भी रह चुके हैं। अन्य चुनाव में भी वे सहकारिता समिति भरदा कला के संचालक सदस्य, विपणन सहकारी समिति गुंडरदेही के संचालक सदस्य अलग-अलग वर्ष में रह चुके हैं। युवा छात्र राजनीति में भी उनकी भागीदारी रही है। पूर्व में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। साथ ही सामाजिक गतिविधियों के तहत ग्रामीण साहू समाज भरदा कला के संरक्षक 1995 से अब तक बने हुए हैं परिक्षेत्र साहू समाज मोहंदीपाट के अध्यक्ष तीन कार्यकाल तक रहे। अध्यक्ष तहसील साहू समाज गुंडरदेही, सलाहकार तहसील साहू समाज अर्जुंदा, संरक्षण सदस्य प्रदेश साहू संघ रायपुर,सदस्य कबीर आश्रम नांदिया मठ आदि पदों पर भी आसीन रहे हैं. उनका परिवार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से भी संबंधित है।

क्या कहते हैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से जुड़े कांति भूषण

अपनी दावेदारी को लेकर उनका कहना है हमारे परदादा 9 महीने जेल में रहे हैं। आजादी के बाद दुर्ग जिला सर्वोदय संघ के अध्यक्ष रहे हैं। विनोबा भावे के दुर्ग आगमन पर उनके द्वारा 51000 की थैली भेंट की गई थी। आजीवन ढेकी का चावल और घर की पत्थर वाली चक्की का आटा का उपयोग किये। हीरालाल सोनबोइर और उमेंद सिंह कलिहारी एक साथ शिक्षक रहे हैं। दाऊ ढाल सिंह से इनकी अच्छी मित्रता रही है। अर्जुंदा में शिक्षक रहते हुए इनके द्वारा विलायती कपड़ों की होली जलाई गई थी। जिसके चलते इन्हें 9 माह की सजा हुई और वे सेंट्रल जेल रायपुर में रहें। ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले क्रांति भूषण का कहना है कि अगर कांग्रेस उन्हें टिकट देती है तो वे क्षेत्र की जनता की सेवा और विकास के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

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