DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

EXCLUSIVE- देखिए कैसे हुआ शनि और गुरु ग्रह का मिलन, देखिए बालोद से तस्वीरें, 397 साल बाद घटित दुर्लभ खगोलीय घटना के साक्षी बने सैकड़ों छात्र, शिक्षक व जनसमुदाय

बालोद-21दिसंबर की शाम अर्थात वर्ष की सबसे लंबी रात की शुरुवात आसमान में घटित दुर्लभ आकाशीय घटना से प्रारंभ हुआ जब आसमान में शाम ढलते ही दो चमकदार पिंड दिखने लगे। ये दो चमकदार पिंड 397 साल बाद एकदुसरे के इतने करीब थे। जिसे केवल आंखो से भी दक्षिण पश्चिम आसमान में आसानी से देखा गया। इस अवसर पर नीति आयोग द्वारा शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद में स्थापित आधुनिक अटल प्रयोगशाला के खगोलीय वेधशाला द्वारा स्काई वाचिंग कार्यक्रम रखा गया।

जिसमे अटल प्रयोगशाला के प्रभारी व्याख्याता बी एन योगी द्वारा विद्यालय में दस इंच व्यास के टेलिस्कोप से इस विस्मयकारी दुर्लभ खगोलीय घटना का अवलोकन करवाया गया। साथ ही प्रोजेक्टर में लाईव प्रसारण भी हो रहा था। जिसे उपस्थित सैकड़ों छात्र, शिक्षक और जनसमुदाय ने देखा।


इस अवसर पर टेलिस्कोप का संचालन व्याख्याता देवनारायण तिवारी और ऋषिका योगी कर रहे थे और उसी दृश्य को प्रोजेक्टर में दिखाते हुए बी एन योगी वर्णन कर रहे थे। इसकी शुरुवात सूर्यास्त के तुरंत बाद बृहस्पति और शनि ग्रह के कंजंक्शन के अवलोकन से हुआ।

जिसमे उपस्थित लोगो ने जब बृहस्पति के चार चांद आयो, युरोपा, केलिस्टो और गेनिमिड और शनि के शानदार चमकते वलय के आसपास उसके उपग्रह रिया, टाइटन को एक साथ टेलिस्कोप के नेत्रिका लेंस में देखा तो उनके आश्चर्य का ठिकाना न था उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि इतने सारे आकाशीय पिंड 30मिलीमीटर के छोटे से लेंस में एक साथ देख पा रहे है।

छात्रों और जनसमुदाय में अधिकांश ऐसे भी थे जो पहली बार शनि और बृहस्पति को सीधे देखे। इसके बाद बी एन योगी ने रात्रिकालीन आकाश में टिमटिमाते तारे, तारामंडल, तारो से बनी आकृतियां और राशिफल के तारो को लेजर लाइट की सहायता से दिखाते हुए परिचित कराया।

जिसमें प्रमुख थे उड़ते हुए बाज की आकृति का शर्मिष्ठा तारामंडल, पिगासस और शर्मिष्ठा तारामंडल के मध्य एंड्रोमेडा गैलेक्सी जो हमारे गैलेक्सी के बाद समीप का गैलेक्सी है, ब्रम्ह हृदय तारा, आसमान में बिखरे हीरे जैसा कृतिका नक्षत्र, वृषभ राशि, काल पुरुष या ओरियन तारामंडल और इसमें स्थित ग्रेट ओरियन निहारिका, मिथुन राशि, सबसे चमकदार तारा सायरस, केनोपस, चांद के क्रेटर्स, मंगल ग्रह, यूरेनस, नेपच्यून आदि का पौराणिक कथाओं सहित वर्णन भी किया।


इस अवसर पर राजनांदगांव के डिप्टी कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, सांकरा के प्राचार्य नरेश गौतम, बड़गांव के व्याख्याता कादम्बिनी यादव, लोहारा के व्याख्याता एनुका सार्वा, बलदेव यादव, रूंगटा इंजीनयरिंग कालेज के छात्र सृजन देशमुख, विद्यालय के प्राचार्य अरुण साहू, रूपेश कश्यप, अशरफ तिगाला, वर्षा यादव, श्वेता मेश्राम, विनीता दिल्ली वार, लक्ष्मी कोसिमा, अनीता पद्माकर सहित स्थानीय कॉलेज और स्कूल के छात्र और जनसमुदाय उपस्थित होकर जिंदगी में एक बार घटने वाली दुर्लभ घटना के साक्षी बने।

You cannot copy content of this page