बालोद जिले में भी शुरू हुआ स्पंदन अभियान, पुलिस वालों को टेंशन फ्री करने ये है रामबाण



बालोद।गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और पुलिस महानिदेशक डी0 एम0 अवस्थी द्वारा पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के तनाव को कम करने हेतु स्पंदन कार्यक्रम कराया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को रक्षित केन्द्र बालोद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा द्वारा स्पंदन कार्यक्रम के तहत पुलिस लाईन बालोद, कार्यालय, थाना अजाक0, थाना यातायात के अधिकारियों/कर्मचारियों से चर्चा की गई।

उनकी समस्याओं व परेशानियों को सुना गया। इस दौरान अति0 पुलिस अधीक्षक दौलत पोर्ते, उप पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा, तनुप्रिया ठाकुर, यशवंत साकार, रक्षित निरीक्षक मधुसूदन नाग, निरीक्षक रामसत्तु सिन्हा और पदमा जगत, तथा रक्षित केन्द्र, एसपी आफिस, थाना अजाक और यातायात के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम से सभी को अपनी बात कहने का मौका मिला। कुछ स्टाफ ने अपनी घरेलू परेशानी भी साझा की तो कुछ ने अपने तबादले को लेकर भी बात रखी। अफसरों ने कहा स्पंदन कार्यक्रम से तनाव कम होता है तथा कार्यक्षमता बढ़ती है।

इसलिए शुरू किया गया है ये अभियान


छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में पुलिस कर्मियों से सम्बंधित आत्महत्या और भ्रातृघात की घटनाओं को कम करने के लिए ‘स्पंदन’ अभियान शुरू किया है। जिला मुख्यालय में मनोचिकित्सकों या मनोवैज्ञानिकों द्वारा अवसादग्रस्त अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए परामर्श और चिकित्सा उपचार के बारे में दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए थे। योग कक्षाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में 50 से अधिक पुलिस कर्मियों ने आत्महत्या की है।

यह भी है गृह मंत्री का निर्देश


इस अभियान के तहत, छत्तीसगढ़ सरकार से जुड़े पुलिस अधीक्षक हर शुक्रवार को अपने जिलों में परेड शुरू करेंगे। इसके बाद कर्मियों की शिकायतों का समाधान किया जायेगा। साथ ही, इस अभियान ने अवसादग्रस्त अधिकारियों का चिकित्सा उपचार और परामर्श अनिवार्य कर दिया है।

यह अभियान सभी जिला मुख्यालयों पर पुलिस कर्मियों के लिए योग कक्षाओं की व्यवस्था भी करेगा। इन कक्षाओं के संचालन के लिए स्थानीय योग शिक्षकों का सहयोग मांगा गया है।

साथ ही, पुलिस अधिकारियों को नियमित अंतराल में पुलिस कर्मियों की शिकायतों के निवारण का निर्देश दिया गया है। पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से पुलिस थानों का दौरा करें और मनोरंजक गतिविधियों की व्यवस्था करें।

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