DAILY BALOD NEWS

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नाबालिग से शादी का प्रलोभन देकर बलात्कार करने पर बीस वर्ष का मिला कारावास

बालोद। किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी नागेश्वर ठाकुर उर्फ नागेश ठाकुर पिता रामगुलाल ठाकुर -22 वर्ष, साकिन- भाठागांव (आर) थाना-रनचिरई, जिला बालोद (छ.ग.) को भादवि की धारा 363 आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, भा.द.दि. की धारा 366 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व भादवि की धारा 376 व लैंगिक अपराधों के संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 7,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार एक गांव की पीड़िता के पिता के द्वारा दिनांक 12.09.2021 को थाना रनचिरई में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी नाबालिग पुत्री पीड़िता दिनांक 11.09.2021- 12.09.2021 की रात्रि लगभग 1:30 बजे से 02:00 बजे के बीच घर में बिना किसी को बताये कहीं चली गई है। उसे शक है कि नागेश्वर ठाकुर उर्फ नागेश ठाकुर पिता रामगुलाल ठाकुर उम्र 22 वर्ष, उसकी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर कहीं ले जाने की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया। सहायक उप निरीक्षक विश्वजीत मेश्राम के द्वारा पीड़िता के पिता के कहे अनुसार आरोपी के खिलाफ अपराध क्र० 103/2021 अंतर्गत संहिता की धारा 363 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता को आरोपी नागेश्वर ठाकुर उर्फ नागेश ठाकुर के कब्जे से दिनांक 12.09. 2021 को बरामद किया गया। निरीक्षक पद्मा जगत, महिला सेल प्रभारी बालोद के द्वारा पीड़िता से पूछताछ कर कथन लेने पर बतायी कि एक वर्ष पहले आरोपी नागेश्वर ठाकुर उर्फ नागेश ठाकुर माह अप्रैल 2020 को उसके किराना दुकान में आकर प्रपोज किया था और कहा कि तुमको पसंद करता हूँ, तुमसे शादी करना चाहता हूँ। दिनांक 11.09.2021 को रात्रि करीब 01:30 बजे आरोपी अपने घर में ले जाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। इस प्रकार आरोपी नागेश्वर ठाकुर उर्फ नागेश ठाकुर द्वारा पीड़िता के साथ दिनांक 17.05.2020 से 11.09.2021 तक शादी का प्रलोभन देकर अलग-अलग स्थान पर कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया है। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध विभिन्न धारा के अंतर्गत अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक यामन कुमार देवांगन, निरीक्षक पद्मा जगत द्वारा किया गया। न्यायालय का मत है कि बलात्संग के अपराध से स्त्री की सुरक्षा एवं उसकी प्रतिष्ठा धूमिल होने के साथ ही उसके जीवन एवं भविष्य को भी कुंठित एवं प्रभावित करता है। आज के विकसित समाज में आये दिन महिलाओं के प्रति घटित होने वाली बलात्कार की घटना सभ्य समाज के लिए कलंकारी है, जो स्त्री की दैहिक स्वतंत्रता का हनन कर उन्हें व्यक्तिगत एवं सामाजिक रूप से कलंकित करता है। ऐसे गंभीर अपराध में आरोपी किसी प्रकार की सहानुभूति प्राप्त करने का अधिकारी नहीं है। साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दंड से दण्डित किया गया।

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