बालोद। डौण्डीलोहारा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मकान मालिक द्वारा अविवाहित युवती को डरा-धमकाकर कई बार अवैध संबंध बनाने और बाद में गर्भपात कराने के लिए दवा खिलाने से युवती और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा उप पुलिस अधीक्षक बोनी फॉस एक्का के निर्देशन में थाना डौण्डीलोहारा प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह एवं पुलिस टीम ने मामले की बारीकी से जांच कर कार्रवाई की।
ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
10 मार्च 2026 को थाना डौण्डीलोहारा में मर्ग क्रमांक 17/2026 दर्ज होने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतिका की मां ने पुलिस को बताया कि वह अपने दो बेटियों और एक बेटे के साथ करीब तीन साल से डौण्डीलोहारा के रामनगर में सुनील कुमार घरडे के मकान में किराये से रह रही थी।
9 मार्च की रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच युवती के पेट, कमर और पैरों में दर्द होने लगा। इस दौरान मकान मालिक ने उसे दर्द की दवा बताकर गोली खिला दी, जिसके बाद युवती की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं।
डरा-धमकाकर बनाए अवैध संबंध
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि युवती अविवाहित थी और आरोपी मकान मालिक सुनील कुमार घरडे पिछले लगभग एक वर्ष से युवती को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ कई बार अवैध संबंध बना रहा था। इस कारण युवती करीब 9 माह की गर्भवती हो गई थी।
गर्भपात कराने के लिए खिलाई दवा
आरोपी ने अपने अपराध को छिपाने के लिए युवती और उसके परिवार को मकान से निकालने की धमकी दी और बाद में गर्भपात कराने के उद्देश्य से अज्ञात दवा खिला दी, जिससे युवती और गर्भ में पल रहे नवजात शिशु की मौत हो गई।
गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज
पूरे मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 90, 91, 105, 238, 351(3) और 64(2)(m) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार घरडे (59 वर्ष), निवासी रामनगर डौण्डीलोहारा जिला बालोद को 11 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र साहू, दिगम्बर वर्मा, अरविंद यादव, महिला प्रधान आरक्षक लिलेश्वरी देवांगन, सोनिया, आरक्षक विनोद, अजय, पूनम खरे, डोमेन्द्र भण्डारी, राकेश गावडे तथा सायबर सेल टीम बालोद के सउनि धरम भुआर्य, भुनेश्वर मरकाम, विपिन गुप्ता और राहुल कुमार का विशेष योगदान रहा।
