DAILY BALOD NEWS

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18 जुलाई को राजधानी में जंगी प्रदर्शन करने प्रदेश के समस्त शिक्षक हुए लामबंद

प्रदेश के समस्त शिक्षकों ने प्रमुख पांच सँगठनो से मिलकर बने “छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा” पर जताया विश्वास: इसी बैनर तले अब होगा निर्णायक संघर्ष

बालोद। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक जितेन्द्र शर्मा ने आंदोलन के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि संविलयन पश्चात विभिन्न वेतन विसंगतियों को झेल रहे प्रदेश के LB सँवर्ग के शिक्षक अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर अब लामबंद होकर 18 जुलाई को राजधानी में एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन करने जा रहे हैं। 31 जुलाई तक मांग पूर्ण न होने की दशा में हम अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर हो जायेंगे।उल्लेखनीय है प्रदेश के पांच प्रमुख सन्गठन ने बहुप्रतिक्षित एकता स्थापित कर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया है जिसमे सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष मनीष मिश्रा,शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे,नवीन शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष विकास राजपूत,संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन एवं टीचर्स एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा प्रांतीय संचालक की समान भूमिका में होंगे,इन्ही पांचों के नेतृत्व में यह निर्णायक आंदोलन किया जायेगा।संघर्ष मोर्चा ने सर्वसम्मति से एक सूत्रीय मांग शासन के समक्ष रखी है। मोर्चा ने ” पूर्व सेवा गणना कर,प्रथम नियुक्ति तिथि से सही वेतन निर्धारण करते हुए सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर,क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान कर,पुरानी पेंशन निर्धारित कर 20 वर्ष की पूर्ण सेवा पर पुरानी पेंशन दिया जाये।” की मांग के साथ 18 जुलाई को राजधानी रायपुर में एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन रखा है, जिसके लिए प्रदेश के शिक्षकों में अपार उत्साह और शासन की लगातार उपेक्षा से आक्रोश दिखाई दे रहा है। 2005, 2011, 2013, और 2017 के निर्णायक आंदोलनों की तरह का माहौल प्रदेश में एक बार फिर दिखाई दे रहा है।संयुक्त मोर्चा के प्रान्त संचालक गण मनीष मिश्रा,वीरेंद्र दुबे,विकास राजपूत,केदार जैन एवं संजय शर्मा ने प्रदेश के समस्त LB सँवर्ग के सहायक शिक्षक,प्राथमिक/माध्यमिक प्रधान पाठक,शिक्षक और व्याख्याताओं से अपील किया है कि यह समय हमारे निर्णायक आंदोलन का है। जन घोषणा पत्र में जो वादे करके सरकार सत्ता में आई थी उसे पूर्ण कराने का समय है।कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा अब असहनीय है,अन्याय का विरोध आवश्यक है अतः प्रदेश का समस्त LB शिक्षक सँवर्ग इस आंदोलन में स्वस्फूर्त पूर्ण सक्रियता के साथ शामिल होंवे। वर्गवाद और संघवाद से परे शिक्षक हित मे संघर्ष के लिए आगे आएं और इस शिक्षकीय एकजुटता को परिणाम में बदलें।

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