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“ऑगमेंटेड रियलिटी टेक्नोलॉजी के प्रयोग से शिक्षा में नवाचारी करते नक्सल क्षेत्र के इस शिक्षक” को छत्तीसगढ़ शासन के पढई तुंहर दुआर में मिला हमारे नायक में स्थान, देखिये इनकी सफलता की प्रेरक कहानी

नारायणपुर – ऑगमेंटेड रियलिटी टेक्नोलॉजी के प्रयोग से शिक्षा में नवाचारी करते नारायणपुर जिले के शिक्षक खोखन भद्र को छत्तीसगढ़ शासन के पढई तुंहर दुआर में मिला हमारे नायक में स्थान मिला है.विवेक धुर्वे राज्यस्तरीय ब्लॉग लेखक से चर्चा के दौरान खोखन भद्र ने बताया कि दूरस्थ अंचल में नेटवर्क की समस्या के कारण मोहल्ला कक्षा के माध्यम से नए नए नवाचार के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखे है। वे कहते हैं ,,
कामयाबी के दरवाजे उन्हीं के लिए खुलते हैं जो उन्हें खटखटाने की ताकत रखते हैं….!!”

एक से बढ़कर एक इम्तेहान बाकी है,
जिंदगी की जंग में है ‘हौसला‘ जरुरी,
जीतने के लिए सारा जहान बाकी है
।”
कोरोना वैश्विक महामारी से जहाँ पूरा देश जूझ रहा है जिसके चलते पूरे देश के शिक्षा रूपी मंदिर बंद है, वही छत्तीसगढ़ शासन की पहल से cgschool. in पोर्टल के “पढ़ई तुंहर दुआर” के द्वारा छत्तीसगढ़ के बच्चों में कोरोना के चलते नए नए आईडिया के द्वारा आज बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी है।

राज्य स्तरीय ब्लॉग लेखक विवेक धुर्वे

मैं विवेक धुर्वे राज्यस्तरीय ब्लॉग लेखक आपको एक ऐसे दूरस्थ ग्रामीण अंचल के शिक्षक से परिचय करवाने वाला हु,जिनका नाम है-श्री खोखन भद्र (सहायक शिक्षक) विद्यालय-शा.प्रा.शा.सुलेंगा, वि.ख.नारायणपुर जिला-नारायणपुर जिन्होंने कोरोना वैश्विक महामारी के कारण लॉकडाउन लगने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बंद हो गई उनकी चिंता पालक को सताने के साथ साथ उनको भी सताने लगी उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश के अनुसार ऑनलाइन कक्षा की शुरूआत की।
ऑनलाइन कक्षा की शुरुआत-ऑनलाइन कक्षा की शुरुवात तो हुई पर नेटवर्क समस्या व मोबाइल की कमी होने से बच्चे पूर्ण रूप से कक्षा से नही जुड़ सके जिसकी चिंता खोखन भद्र को भी हुई उन्होंने शासन के द्वारा जैसे ही मोहल्ला कक्षा का निर्देश आया उन्होंने अपने सहयोगी शिक्षक व शिक्षा सारथी के सहयोग से मोहल्ला कक्षा का संचालन किया।इनका कहना है कि
आप किसी काम की शुरुआत करें , तो असफलता से मत डरें और उस काम को ना छोड़ें.”जो लोग इमानदारी से काम करते हैं वो सबसे प्रसन्न होते हैं.


मोहल्ला कक्षा-कोरोना वैश्विक महामारी में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कुल 60 विद्यार्थियो को मोहल्ले कक्षा के माध्यम से जोड़े रखे है।इसमे सरकारी विद्यालयों के साथ साथ प्राइवेट विद्यालय के विद्यार्थी भी शामिल है। और जो विद्यार्थी अपने नाना-नानी के घर घूमने आए है वो अपने गांव नही जा पाए वो बच्चे भी इनकी कक्षा में शामिल होते है। इन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि कुल 60 बच्चों की मोहल्ला कक्षा जो कि सहयोगी शिक्षक व शिक्षा सारथी के माध्यम से संचालित है और खुशी इस बात की है कि हम जहाँ पूरे देश की पढ़ाई व्यवस्था चौपट है वही छत्तीसगढ़ शासन की पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल के द्वारा आज छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को ऑनलाइन व ऑफलाइन के द्वारा पढाई की सुविधा सभी शिक्षकों के द्वारा प्रदान की जा रही है और उसी के चलते मेरे व मेरे सहयोगियों के द्वारा एक छोटी सी पहल बच्चों का भविष्य बनाने में सफल हो रही है। उन्हें शिक्षा से जोड़ने का विचार आया कि क्यों न किसी तरह बच्चो को फिर से शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए, तो आस पास के बच्चों को बुला कर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए पढ़ाई करवा सकते हैं lइसके लिए मैंने गांव के सरपंच,सचिव, पालको, तथा शाला प्रबंधन समिति से सहमति लेकर रणनीति बनाई तो इसमे यह रणनीति बनाया कि गांव के ही शिक्षित बेरोजगार से संपर्क कर मोहल्ले-2 मे, गांव के पुरे पारा मे बच्चों को सोशल डिस्टन्सिंग का ध्यान रखते हुए पढ़ाने का सुझाव आया lऔर कुल 5 मोहल्ला कक्षा संचालित है जिसमे सुबह व शाम दो पालियों में बच्चों को पढाई के लिए प्रेरित करने के साथ साथ पढ़ाया जा रहा है ।उसी के चलते शासन के निर्देश के अनुरूप समय समय पर नवाचार के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है।

ऑगमेंटेड रियलिटी टेक्नोलॉजी के प्रयोग से पढ़ाई-

बच्चों में पढ़ाई को और ज्यादा रुचिपूर्ण बनाने के लिए इनके द्वारा ऑगमेंटेड रियलिटी टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके पढाई करवाई जा रही है।जिससे बच्चों में एक पढाई का नया माहौल व जिज्ञासा देखने को मिल रहा है और बच्चे पूरी लगन से डाइनासोर,पृथ्वी के बारे में पढ़ने व देखने मे पढाई का आनंद आ रहा है। इनका कहना है की इस टेक्नोलॉजी के द्वारा वास्तव में बच्चों में पढ़ने की रुचि जागी है।बच्चों को वास्तविकता से रूबरू किया गया।
निरीक्षण-श्री आलोक शुक्ला शिक्षा सचिव के द्वारा भी इनकी मोहल्ला कक्षा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया शिक्षा सचिव के द्वारा इनकी खूब तारीफ भी की गई।

अन्य कार्य– बच्चों द्वारा सामान्य ज्ञान, कहानी लेखन, गायन, अभिनय भी कराया जाता है l कोरोना काल के दौरान बच्चों से कोरोना से बचने के उपाय, स्लोगन, चित्र, कोरोना जागरूकता के विषय मे पत्र लिखाये गए l इसमें साप्ताहिक कैलेंडर अनुसार अध्ययन व होमवर्क दिया जाता है l जिसमे बच्चों को पढ़ाई के साथ साथ ड्राइंग, पेंटिंग, चित्रकला तथा गांव के ही शिल्पकारों, मूर्तिकारों से संपर्क कर बच्चों को सिखाया, जिसमे बच्चे स्वयं से मिट्टी के बर्तन, अगरबत्ती स्टैंड, गणेश जी की मूर्ति बनाये l
सम्मान– इनको अपने शिक्षण कार्य हेतु माननीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित किया गया l एवं ग्राम पंचायत द्वारा सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्त्ता पंचायत रत्न से अलंकृत किया गया, साथ ही अनुकरणीय अध्यापन के लिए, बच्चों का जवाहर उत्कर्ष नवोदय विद्यालय JNV, BSP एकलव्य, एवं आदर्श विद्यालय मे चयनित करवाने हेतु सम्मान स्वरुप प्रसस्ति पत्र प्रदान किया गया l
मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है,हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है,
डरने वालों को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में,लड़ने वालों के कदमों में जहान होता है।

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