DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

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प्रश्नोत्तरी के जरिए फैला रहे लोगों में जागरूकता, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने शुरू किया महावारी को लेकर अनूठा अभियान, लड़के और लड़कियों से अलग-अलग भरवाए जा रहे हैं फॉर्म, परख रहे उनका ज्ञान, देखिए किस तरह से पूछे जा रहे सवाल?

बालोद। महावारी प्रबंधन के ऊपर राष्ट्रीय सेवा योजना के कुछ स्वयंसेवक एवं सेविकाएं जागरूकता सर्वे कर प्रकाश डाल रहे हैं। ताकि लोगों को रक्त से जुड़ी इस विषय की भी जागरूकता व जानकारी हो सके। और माहवारी के दिनों में महिलाएं व बालिकाएं स्वयं को स्वतंत्र और स्वास्थ्य अनुभव कर अपने आप का ख्याल रखने में तो सब सक्षम रहे , साथ ही साथ हमारे भाइयों समाज के पुरुषों को भी इन दिनों की तकलीफों से रुबरु करवाया जा सके और जिन्हें इनकी जानकारी नहीं रह पाती उन्हें भी इसकी सामान्य जानकारी हो। यह सर्वे एक क्वेश्चन पेपर फार्म के जरिए किया जा रहा है। जिसमें मानवीय विचारों के ऊपर माहवारी विषय से लेकर प्रश्न है। यह सर्वे दिनांक 14 जून को जिला अस्पताल बालोद में रक्त दाताओ को रक्तदान से पहले फॉर्म देकर जानकारी देते हुए सर्वे किया गया एवं श्योर सक्सेस प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में छात्र एवं छात्राओं को महावारी की जानकारी देते हुए उसके प्रबंधन जानकारी हेतु सर्वे किया गया। जिसमें मुख्य रुप से राष्ट्रीय सेवा योजना की वरिष्ठ स्वयंसेविका कल्पना बम्बोडे़, मनीषा राणा एवं जय किशन साहू तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के समस्त स्वयंसेवक एवं सेविकाऐं उपस्थित रहे।

इनका मार्गदर्शन राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठन डॉ लीना साहू द्वारा किया जा रहा । इस सर्वे के पश्चात बालिकाओं का कहना रहा कि उन्हें इस फॉर्म को भरने के बाद स्वयं की झिझक दूर हुई। वहीं लड़कों का अनुभव रहा कि उन्हें इस प्रकार की जानकारियां पहले बहुत ही कम दी गई है या फिर कुछ लोगों को इस बारे में पता ही नहीं था। इस फॉर्म को भरने के बाद उन्होंने अपने आप में इस विषय को समझने के लिए स्वयं को तैयार किया और आगे चलकर वह अपनी माताओं एवं बहनों को माहवारी के समय स्वच्छ और स्वस्थ खान-पान अपनाने की सलाह व समय देंगे। जिससे उन्हें इन दिनों ज्यादा तकलीफ ना उठाना पड़े। स्वयंसेवयिका कल्पना बम्बोडे़ ने बताया कि यह विषय एक सर्वे के रूप में इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों का विचार जान सके कि आज के समय में भी लोग महावारी को किस प्रकार समझते हैं क्या आज भी कुप्रथा का चलन है कि लोग जागरूक हो गए हैं।

इन फाइल्स से देखिए कैसे पूछे जा रहे सवाल और खुद को भी परखिए आप कितना जागरूक हैं?
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पुरुषों से पूछे जा रहे ये सवाल

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