बालोद। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम अरौद में 70 वर्षीय एक महिला बुधनतीन बाई गोंड की खेत में मौत हो गई। वह बुधवार को अपने खेत को देखने के लिए गई हुई थी। रात भर जब घर नहीं लौटी तो रिश्तेदारों ने खोजबीन की। गुरुवार को उनकी लाश उनके खेत में अधजली अवस्था में मिली। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बालोद थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने कहा कि पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण क्लियर हो जाएगा। पराली जलाने के कारण दम घुटने या फिर जलने से मौत की आशंका है। इधर ग्रामीणों के बीच भी इसी बात को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों के अनुसार महिला परित्यकता थी। अपने पति द्वारा छोड़ने के बाद वह मायके अरौद में आबादी मकान में अकेली रहती थी। जानकारी के मुताबिक महिला बुधवार को दोपहर से घर से निकलकर खेत देखने के लिए गई थी। चर्चा यह भी है कि उक्त महिला अपने आधा एकड़ से ज्यादा जमीन को अपने भतीजे के नाम करवाने के लिए कुछ दिन पहले पटवारी से भी चर्चा की थी। वहीं जहां घटना हुई है उसके आसपास के खेतों में धान कटाई के बाद पराली जलाया गया है। आशंका यह है कि महिला बुजुर्ग होने के कारण या तो आग की लपटों से घिर गई और भाग नहीं पाई। दम घुटने से उसकी मौत हो गई और धीरे-धीरे लपटें उसके साड़ी तक पहुंच गई या फिर दोपहर में पराली जलाया जाने के दौरान हवा के झोंकों से आग में वह घिर गई और फिर जलने से उसकी मौत हो गई। घटनास्थल देखकर फिलहाल यही अंदाजा लगाया जा रहा है। तो इस घटना के बाद से किसानों के लिए एक सबक भी सामने आया है। आसपास के कई गांव सुंदरा, जगन्नाथपुर सांकरा प्रमुख रूप से धान की खेती करते हैं। जहां इन दिनों लगातार पराली जलाया जा रहा है। जिला प्रशासन किसानों को अपील करती रहती है कि गोठान में पैरादान करें लेकिन किसान इस दिशा में ध्यान नही देकर धान कटाई होते ही पैरा खेतों में जला रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि अन्य किसान इस घटना से कितना सबक लेते हैं।
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