बालोद -बालोद जिला के वनांचल मे स्थित जन श्रद्धा के केन्द्र जामड़ी पाटेश्वर आश्रम पर डीएफओ (वन विभाग) द्वारा अवैध कब्जा बता कर दी गई नोटिस का विरोध करते हुए तुलसी मानस प्रतिष्ठान छग प्रान्त एवं करणी सेना बालोद ने आश्रम के आस पास के आदिवासी समाज व अन्य सभी समाज के आश्रम के भक्त जनो के 18 गांव के जन समुदाय के साथ जाकर राज्यपाल के नाम अपर कलेक्टर एके वाजपेयी को ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति के धर्म ग्रंथो में वर्णित ये अक्षुण्य परिपाटी है कि चिरकाल से वन एवं आश्रम मानव निर्माण आध्यात्मिक संचेतना और तपश्चर्या के केन्द्र रहे है। वर्तमान समय में बालोद जिले की जामड़ी पाटेश्वर धाम के संरक्षक स्वामी राम बालक दास 9 वर्ष के अल्पायु मे अपने गुरू महात्यागी के मार्गदर्शन में आध्यात्मिक ज्ञान की न केवल तपस्या की अपितु गो संवर्धन, धर्मांतरण पर रोक, आदिवासी संस्कृति संरक्षण के साथ जनमानस के अराध्य प्रभु श्रीराम की माता कौशल्या माता और हनुमान जी के मंदिर के साथ सर्वधर्म समभाव के मंदिर का निर्माण जन सहयोग से करके पर्यटन स्थल के रुप मे पहचान भी दी। चुकि मंदिर और आश्रम जन आस्था का केन्द्र बिन्दु है, इसलिये यथास्थिति बनाये रखने की मांग की गई। प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों ने कहा आश्रम स्थल पर सड़क सामुदायिक भवन पेयजल से लेकर पर्यटन स्थल का स्वरुप स्वयं छग शासन ने निर्माण कर करवाया है फिर अचानक वन विभाग द्वारा नोटिस सनातन धर्मावलंबीयो के आस्था के साथ खिलवाड़ है. प्रतिष्ठान इस कृत्य का विरोध करते हुए ये माग किया कि आश्रम की यथा स्थिति बरकरार रखा जाए। ज्ञापन सौपने के लिए तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि मंडल में प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश प्रसाद देशमुख, प्रान्तीय महासचिव एवं करणी सेना जिला बालोद अध्यक्ष पुरूषोत्तम सिह राजपुत, बीआर बेल्सर सहित कृष्णकांत पवार,तोमन साहू, मोरध्वज साहू, केशव साहू सहित अन्य शामिल रहे।
तुलसी मानस प्रतिष्ठान और करणी सेना ने पाटेश्वर धाम के मुद्दे पर सौंपा जिला प्रशासन को ज्ञापन, कही ये बात?
