मुनमुन सिन्हा हुई राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न पुरस्कार से सम्मानित



बालोद। शासकीय प्राथमिक शाला गैंजी की शिक्षिका मुनमुन सिन्हा को सोशल मीडिया का समुचित उपयोग कर शिक्षा को रोचक बालकेंद्रित बनाने के लिए राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

नवाचारी गतिविधि समूह द्वारा 15 अक्टूबर 2022 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर मे एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमे मुख्य अतिथि के रूप मे डॉ.आलोक शुक्ला प्रमुख शिक्षा सचिव छत्तीसगढ़ शासन , डॉ.एम सुधीश सहायक संचालक समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, वर्मा सर प्राचार्य डायट रायपुर, नीलम अरोरा सहायक प्राध्यापक एससीईआरटी , आशीष गौतम राज्य पेडागोजी समन्वयक समग्र शिक्षा रायपुर उपस्थित थे. नवाचारी गतिविधि समूह भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश के नवाचारी शिक्षकों से जुड़े हुए हैं. इस समूह का उद्देश्य शिक्षा को नवाचार के माध्यम से एक नए आयाम तक पहुंचाने वाले शिक्षकों की तलाश करना तथा उन्हें प्रोत्साहित करना है. इस पुरस्कार के लिए संपूर्ण छत्तीसगढ़ से कुल 130 शिक्षकों का चयन किया गया. इस चयन प्रक्रिया में शिक्षकों को तीन अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ा जिसके तहत पहले स्तर मे प्रेजेंटेशन, दूसरे स्तर में इंटरव्यू और तीसरे स्तर में डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन किया गया. इसके पश्चात पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों की अंतिम सूची जारी की गई. इस प्रकार पूरी पारदर्शिता के साथ इस पुरस्कार को वितरित किया गया. मुनमुन सिन्हा ने नवाचारी गतिविधि समूह के प्रमुख संजीव सूर्यवंशी एवं उनकी पूरी टीम को धन्यवाद प्रेषित किया. मुनमुन सिन्हा की इस उपलब्धि के लिए उनके परिवारजनों दोस्तों एवं शाला परिवार के सभी सदस्यों ने बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.

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