गौरव – बालोद जिले की इस राम लीला मंडली ने दी अयोध्या के मंच पर प्रस्तुति,सीएम आदित्य नाथ ने किया सम्मानित, संचालक बोले सम्मान तो बहुत मिला सरकार से,पर सहारा नही?



रायपुर/अयोध्या/ बालोद|दीपावली पर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य रामलीला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों के कलाकारों ने अयोध्या पहुंचकर अपनी प्रस्तुति दी। इस मौके पर भगवान श्रीराम के ननिहाल के कलाकारों ने भी अयोध्या पहुंचकर अपनी प्रस्तुति दी। सबसे अहम बात ये है कि रामलीला का मंचन महिला कलाकारों ने किया।

कलाकारों की प्रस्तुति देखकर मंत्रमुग्ध हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के सभी कलाकारों को सम्मानित किया। मिली जानकारी के अनुसार बालोद जिले के बेलौदी गांव की श्री सत्य सांई रामलीला समिति ने 14 नवंबर यानि दीवाली के दिन अयोध्या में रामलीला का मंचन किया। इस समिति की 25 कलाकारों ने अयोध्या के ऐतिहासिक मंच पर प्रस्तुति देकर निश्चित ही श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। बताया गया कि इस समिति के सदस्यों ने साल 2019 में भी अयोध्या में रामलीला का मंचन किया था।

उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग से उन्हें दीवाली के अवसर पर रामलीला के मंचन के लिए अमंत्रित किया गया था। न्योता मिलने के साथ ही संयोजक ललित शर्मा और अध्यक्ष रामकुमार के निर्देशन में महिला कलाकारों ने तैयारी शुरू कर दी थी। इस एतिहासिक मंच पर प्रस्तुति देना निश्चित ही एक गौरव की बात थी। साल 2019 में भी हमारी समिति की महिला कलाकारों ने अयोध्या में प्रस्तुति दी थी, तब यहां श्रीलंका, इंडोनेशिया, फिलीपींस और मॉरिशस के कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी थी। लेकिन हमारे महिला कलाकारों ने खुद से गाकर प्रस्तुति दी, जबकि अन्य देशों से आए कलाकारों ने रिकार्डिंग पर मंचन किया। बस यही बात थी कि हमारी प्रस्तुति को लोगों ने सराहा और इस बार ऐतिहासिक मंच पर प्रस्तुति का मौका दिया।

सीएम आदित्यनाथ ने सराहा

सीएम आदित्य नाथ लिखन दास का सम्मान करते हुए

उन्होंने कहा कि श्रीराम की भूमि में रामलीला की प्रस्तुति देना निश्चित की गौरव की बात है। महिला कलाकारों की इस प्रस्तुति को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और राम मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष महंत राम सुंदर दास ने जमकर सराहा। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अयोध्या में रामलीला मंचन का न्योता देने के लिए उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार भी जताया है। समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरह छत्तीसगढ़ की सरकार के संस्कृति विभाग से सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि हम प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर भगवान राम की जीवन लीला का बखान कर सकें।

छत्तीसगढ़ की सबसे पुरानी व अंतर्राष्ट्रीय मंडली फिर भी सरकार नहीं दे रही ध्यान

लिखन दास मंडली के संचालक

मंडली के संचालक लिखन दास ने बताया कि उनकी मंडली छत्तीसगढ़ की सबसे पुरानी मंडली है जो अंतरराष्ट्रीय मंडली के रूप में भी पहचान बना चुकी है। अब तक देश के 7 राज्य उड़ीसा, महाराष्ट्र, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में प्रस्तुति दे चुके हैं। 1100 सौ गांव में प्रस्तुति दे चुके हैं। लेकिन अब तक शासन प्रशासन से कोई अनुदान नहीं मिला है। इसको लेकर भी विधायक, कलेक्टर, सांसद, मुख्यमंत्री, संस्कृति मंत्री, पंचायत मंत्री तक को आवेदन दे चुके हैं। मंडली के अध्यक्ष रामकुमार हिरवानी ने कहा कि यह पंजीकृत मंडली है। शुरुआत में 35 सदस्य थे लेकिन मंडली में आमदनी धीरे-धीरे कम होती गई। शासन प्रशासन से सहयोग नहीं मिला इसलिए अब 25 कलाकार इस मंडली को संचालित कर रहे हैं। आमदनी ना होने के चलते 2018 के बाद से सरकार को पंजीयन शुल्क भी नहीं पटा पा रहे हैं।

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