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ये तस्वीर जंगल इलाके की नही, बालोद के एक गांव की है, जहां इस तरह दलदल पार कर मरीज को पहुंचाते हैं अस्पताल, पढ़िए मामला

मनौद में अधूरे काम और गलियों में दलदल से लोग हुए हलाकान

बालोद। यह तस्वीर आपने अक्सर नक्सल प्रभावित क्षेत्र व जंगल इलाकों में देखा होगा। जहां पर आने जाने का रास्ता व साधन नहीं होता, पगडंडी के सहारे लोग पहुंचते हैं। किसी की तबीयत खराब हुई तो वहां तक एंबुलेंस नहीं जा पाती, ना आस-पास अस्पताल होता है तो ऐसे में लोग या तो मरीज को चार पहिया में या कुर्सी बेंच में उठाकर या फिर गोद में उठाकर ले जाते हैं। पर ऐसा नजारा आपको बालोद में भी देखने को मिल सकता है। यहां एक गांव मनौद है। यहां अगर किसी की तबीयत खराब हुई तो उन्हें एंबुलेंस गाड़ी तक ले जाने के लिए मरीज को इसी तरह उठाकर ले जाना पड़ता है। इसके पीछे बड़ा कारण गांव में जल जीवन मिशन के तहत अधूरे पड़े निर्माण कार्य है। जल जीवन मिशन के तहत संबंधित ठेकेदार और कर्मचारी जगह-जगह गड्ढे खोदे हैं लेकिन भरी बरसात में काम पूरे नहीं हो पाए हैं। जिसके चलते कई गलियों में रास्ते बंद होने की नौबत आ रही है ऐसे ही मुसीबत का सामना सोमवार को यादव परिवार की एक महिला को करना पड़ा। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करना था। पर उनके घर तक गाड़ी नहीं आ सकती थी। तो मजबूरी में ग्रामीणों ने सुहद्रा बाई यादव को उठाया और दलदल भरे रास्ते को पारकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। तब जाकर उन्हें अस्पताल ले जा पाए। उनके बेटे कामता यादव, जागेश यादव ने बताया कि गांव में सब तरफ दलदल और अधूरे काम का नजारा है। पाइप लाइन बिछाने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। काम अधूरे पड़े हैं या बंद पड़े हुए हैं। इससे जगह-जगह पानी भर गया है तो गलियों में चलना मुश्किल हो रहा है। शासन प्रशासन को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए। भरी बरसात में काम रुक गए हैं। समय पर काम पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाई जा रही है लेकिन यह योजना लोगों के जीवन को संकट में भी डाल रही है।

टैंकर से पानी की सप्लाई पर वह भी गंदा

ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए गड्ढे खोदे गए है। इससे कई जगह पाइप भी फट गए हैं इससे पहले से लगे नल कनेक्शन में पानी नहीं आ रहा है। तो उन वार्डों में टैंकर से सप्लाई किया जा रहा पर टैंकर का पानी भी गंदा निकल रहा है। ऐसे में पिए तो क्या पिए यह वाली स्थिति आन पड़ी है। ऊपर से बरसात में गांव में जगह-जगह कीचड़ और दलदल है। गड्ढे खोदे होने से गलियों में जाने में परेशानी हो रही है। लोगों को घूम कर दूसरे रास्ते से आना जाना पड़ रहा है। गाड़ियां नहीं जा पा रही है। किसी के घर मेहमान आ रहे हैं उन्हें बस्ती से बाहर रोड पर ही गाड़ी खड़ी करके पैदल जाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों को आवागमन में भी बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है। पानी की समस्या तो है ही गलियों में चलना मुश्किल हो रहा है।

क्या कहते हैं सरपंच

गांव के सरपंच रोहित ठाकुर का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत कार्य चल रहा है। नया पाइपलाइन बिछाया जा रहा है। बारिश के वजह से काम रुक रुक कर चले थे। जिन इलाकों में पानी की समस्या हुई थी वहां टैंकर से सप्लाई भी हो रही है। वही गांव में दलदल की समस्या को लेकर कहना है कि जनप्रतिनिधि व शासन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। हम कई बार मांग कर चुके हैं पर सीसी रोड की स्वीकृति नहीं मिल रही है। जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य भी उनके गांव की उपेक्षा कर रहे हैं। इस वजह से यहां काम स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं। नतीजा गांव का विकास पिछड़ा हुआ है।

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