DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

EXCLUSIVE- बालोद जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर नौकरी लगाने के नाम पर 11 लाख की ठगी, पीड़ितों ने एसपी को की शिकायत, नारायणपुर सहित रायपुर के हैं आरोपी, जांच शुरू, देखिए कैसे हुई ठगी?

बालोद।महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। इस ठगी के तार बलौदा बाजार जिले में लगभग ₹15 करोड़ की ठगी से भी जुड़े हुए हैं। वहां पर भी कुछ ऐसे लोगों के नाम सामने आए थे जो खुद को मंत्रालय का अफसर होना बताते थे। बालोद जिले में जिन लोगों के साथ ठगी हुई है वे सभी दल्ली राजहरा के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका है। 6 महिलाओं से ठगी की बात सामने आई है। जिसमें 4 महिलाओं ने फिलहाल लिखित शिकायत एसपी से की है।

बुधवार को एसपी दफ्तर पहुंचकर पीड़ितों ने एएसपी डीआर पोर्ते को लिखित ज्ञापन सौंपा है तो वहीं जांच की मांग भी की गई है। 4 लोगों से कुल ₹11 लाख की ठगी हुई है। किसी से 3 लाख 30 हजार तो किसी से ₹ 2.50 लाख तक लिया गया है। महिलाओं द्वारा नारायणपुर के एक व्यक्ति मोहन नेगी के खाते में पैसा डालने की बात कही गई है। अब उस व्यक्ति द्वारा पैसा देने से आनाकानी किया जा रहा है। वही मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया गया है। अशोक पांडे नाम के व्यक्ति का भी नाम सामने आ रहा है जो खुद को मंत्रालय का अधिकारी भी बताता था। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है तो वहीं बलौदा बाजार क्षेत्र में हुई ठगी से संबंधित जानकारी लेकर डाटा भी जुटाई जा रही है।पीड़ित महिलाओं का कहना है कि पहले शुरुआत में उन्हें अशोक पांडे के नाम के शख्स ने एक मोबाइल नंबर से फोन किया था। बकायदा उक्त व्यक्ति द्वारा उन्हें कहा गया कि डौंडी क्षेत्र में सुपरवाइजर के दो पोस्ट रिक्त हैं। बहुत दिनों (13 साल) से वहां किसी का प्रमोशन नहीं हुआ है। चाहो तो तुम लोगों का प्रमोशन करवा सकते हैं। इस तरह कार्यकर्ता से सुपरवाइजर बनने के सपने दिखाकर महिलाओं से पैसों की डिमांड की गई। लालच में पड़कर और आरोपी की बातों में आकर महिलाएं पैसा देने के लिए राजी हो गई। एक नहीं बल्कि 6 से ज्यादा महिलाओं को आरोपी ने ठगी का शिकार बनाया। उनसे अलग अलग खाते में पैसा जमा करवाते गया फिर कहा गया कि जल्द ही काम हो जाएगा। बीच में कहा गया कि 29 जुलाई से 15 दिनों के लिए मेरा मोबाइल नंबर बंद रहेगा। इसके बाद तुम लोगों का काम करवा दूंगा। लेकिन आरोपी ने जो मोबाइल नंबर बंद किया वह अब तक चालू नहीं हुआ तो वही जिनके खाते में पैसा डाला गया उन्हें जब महिलाओं ने नारायणपुर जाकर संपर्क किया तो उनका कहना था कि मेरे खाते में कोई पैसा नहीं है मैंने पैसा आगे भेज दिया है। अब आप लोग जो करना है कर लो। मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं इसका कोई जिम्मेदार नहीं हूं। इस तरह महिलाएं खुद को ठगी का शिकार होने के बाद असहाय होकर पुलिस की शरण में जा पहुंची और बालोद एसपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। बलौदा बाजार में भी एक महिला अधिकारी द्वारा इसी तरह से सुपरवाइजर के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला दर्ज है। जिसमें गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। अब बालोद जिले में उसी मूल सरगना का नाम सामने आने के बाद बालोद पुलिस के कान भी खड़े हो गए हैं और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

बड़े गिरोह का अंदेशा
अंदाजा है कि सुपरवाइजर के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर भोली भाली महिलाओं को ठगी करने के नाम पर कोई गिरोह बनाया गया है। इसमें स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के अंदेशे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि फोन करने वालों के पास विभाग की पूरी जानकारी होती थी। जो बातचीत के दौरान वह महिलाओं को बताते थे। इससे महिलाओं को विश्वास होता था कि सामने वाला व्यक्ति उनके विभाग का ही अधिकारी है। इसलिए वह सब जानते हैं। इस तरह झांसे में लेने के लिए विभागीय जानकारी साझा की जाती थी ।धीरे-धीरे जब लोगों को विश्वास होने लगता था कि उनकी नौकरी पक्की है तो वह पैसा देने के लिए राजी हो जाते थे। कई लोगों ने उसके पास पैसा न होने पर अपने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पैसा दिया है।

जो आज पैसा लौटाने के लिए मुकर गए हैं लेकिन महिलाएं बीच में फस चुके हैं उनके पास कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है सिवाय पुलिस के पास जाने के। कार्यकर्ताओं ने एसपी को शिकायत कर मामले में दोषी लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत करने प्रमुख रूप से दल्ली राजहरा वार्ड 19 की दीप्ति लता, वार्ड 17 की महेश्वरी सिन्हा, हेमिन रजक वार्ड 18, तबस्सुम कुरैशी वार्ड 3 पहुंची थी। सभी आवेदकों ने बताया कि उनके पास 19 जून 2020 को उनके सरकारी मोबाइल पर ही अज्ञात व्यक्ति मोबाइल नंबर 888976 8773 से फोन आया। जिसमें कोई अज्ञात व्यक्ति खुद को रायपुर संचनालाय में आयुक्त के पद पदाधिकारी और अपना नाम अशोक पांडे होना बताया था। कहने लगा था कि मैं पहले बालोद जिला के महिला बाल विकास विभाग में डीपीओ के पद पर था। फिर उसी ने कहा डौंडी ब्लॉक में दो पोस्ट सुपरवाइजर के पद में भर्ती करना है। मेरे पास 10 लोगों की नाम की सूची है। मैं तुम्हें इस पद में लगा सकता हूं।

You cannot copy content of this page