बालोद। नावल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन (एनटीटीएफ) के शिक्षित कार्य योजनाओं पर चर्चा योजनाओं को लेकर राज्य स्तरीय ऑनलाइन मीटिंग में भावी योजनाओं को लेकर चर्चा की गई। एनटीसीएफ के अध्यक्ष अरुण साहू द्वारा पटल में उपस्थित सभी सदस्यों का अभिवादन राम नवमी के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए एक भजन प्रस्तुत किया। एनटीसीएफ के उद्देश्य, उनके कार्य योजना, शिक्षकों की सहभागिता पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। जिसमें मुख्य रुप से शिक्षको को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि .शिक्षकों में क्या ऐसे गुण होना चाहिए ,जिससे वह नवाचार करने की भावना प्रवृत्ति में ला सकें, खुले मंच में नए मुद्दों को लाना,.विषय आधारित प्रयोगों टी एल एम का क्षेत्र दायरा देखें,जहां भी जाए नया कार्य करें चाहे वह विज्ञान से मोरल वैल्यू को डेवलप करने की क्षमता जागृत कर सके,विभिन्न संस्था जैसे स्काउट गाइड ,रेड क्रॉस, इको क्लब, ऐसे एनटीसीसीएफ का मंच है प्राइमरी ,मिडिल,हाई स्कूल ,हाई सेकेंडरी स्कूल का मूल्यांकन कैसे हो,नए शिक्षकों का चयन कर उन्हें सम्मानित करना सभी विभाग से जुड़े पर्यावरण समाज से लेकर नए लोगों को शामिल करना,आर्थिक प्रकोष्ठ नया मंच विस्तार करने की आवश्यकता, सभी जिलों में गठन करना अपनी सोच को लेकर लक्ष्य तैयार करना,अपनी रुकावटो को स्वयं से दूर करना, यह शिक्षक के गुण में समाहित होना चाहिए, अपनी क्षमता का प्रयोग करके स्वयं संतुष्ट होना,
सशक्तिकरण पर आगे बढ़ते रहना, समाज में एक अपना स्थान प्राप्त करना अपनी ही शक्ति है जो दूसरों के संवर्धन में काम आए, हमें जेरॉक्स नहीं ओरिजिनल कॉपी बनना है,.अब ध्यान में जुड़े अपने आप को आगे बढ़ाना है इसके लिए सदस्यता की संख्या बढ़ाना टीम वर्क सक्रियता लाना, इन मुद्दों पर उन्होंने बातें कही।
क्या है नावल टीचर्स क्रियटिव फाउंडेशन के उद्देश्य
- शिक्षकों में विभिन्न प्रदेशों की शैक्षिक संस्कृति की पहचान स्थापित करना।
- शिक्षकों में कला, साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जागृत करना।
- शैक्षिक नवाचार एवं क्रियात्मक अनुसंधान से परिचित कराना।
- शैक्षिक कार्यक्रमों एवं सूचनाओं से शिक्षक समुदाय को लाभान्वित करना।
- पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप एवं स्कूल गतिविधि का संंचालन करना।
- शैक्षिक फिल्मों एवं पुस्तकों की समीक्षा गोष्ठी आयोजित करना।
- महान् शिक्षाविदों एवं महत्वपूर्ण अवसरों पर संस्मरण कार्यक्रम का आयोजन करना।
- शिक्षकों के शैक्षिक उन्नयन हेतु वर्कशाप, सेमिनार का आयोजन करना।
9.भारत की सांस्कृतिक विरासत के मूल्यों का संवर्धन एवं संरक्षण करना।
- शिक्षकों की सृजनात्मक प्रतिभा एवं उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना।
आयोजन में विचारों को आमंत्रित किया गया। जिसमें
मुख्य रूप से ये विचार आए।
- हस्तकला,व्यवसायिक शिक्षा
को लेकर हम आगे इस पर कार्य करे। जोकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य उद्देश्य में से भी एक है हमें व्यवसाय के प्रति बच्चों में रुचि जागृत करना।
2 एन टी सी एफ में टीम वर्क करना,सक्रियता दिखाना।
3.एनटीसीएफ उद्देश्यों को लेकर के कार्य करना।
कार्यकारणी के सदस्यों के लिए चर्चा, सदस्यो के उत्तरदायित्व।
पर विशेष बात हुई ।
इस ऑनलाइन मीटिंग में मुख्य रूप से कैशरीन बेग,सुरेंद्र कुमार सोनी, सुरेंद्र कुमार मानिकपुरी ,विवेक धुर्वे,लिली पुष्पा एक्का,गीता शरणागत,रजनी जगताप ,संगीता सोरी ,लक्ष्मी करियारे, सरस्वती गिरिया ,नारायणी कश्यप ,अजय कुमार, शोभा वेजामीन ,धनेश्वरी साहू ,तारा शर्मा, सरोजिनी यादव ,मीना राजवाड़े ,राजमल जैन आदि सदस्य शामिल हुए।
