आंदोलन में दिखाई मनरेगा कर्मचारियों ने गांधीगिरी, धरना स्थल पर गा रहे है रामायण, गौठान में गोबर बेच सरकार के खाते में ही डालेंगे पैसा ताकि मांग हो उनकी पूरी



बालोद। हड़ताल के नौवें दिन गांधीवादी तरीके से मनरेगा कर्मचारी हड़ताल में डटे हुए हैं। बस स्टैंड में मनरेगा कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी है। तो वे इस प्रदर्शन के दौरान नए-नए तरीके भी अपना रहे हैं। इस क्रम में मनरेगा कर्मचारियों के हड़ताल को जहां सचिव संघ ने भी समर्थन दिया तो वही धरना स्थल पर रामायण की प्रस्तुति देकर सरकार को अपनी 2 सूत्रीय मांगों को याद दिलाने का प्रयास किया गया। तो साथ ही प्रांतीय आह्वान पर संघ के कर्मचारियों ने यह तय किया है कि वह गौठान में जाकर पंजीयन कराएंगे और गोबर बेचकर जो पैसा प्राप्त होगा उसे शासन के खाते में डालेंगे। सरकार को ही आर्थिक मदद देंगे। ताकि सरकार उनकी मांगे पूरी कर सके। इस आह्वान पर कई मनरेगा कर्मचारियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्र में जाकर गौठान में पंजीयन कराया। अब वे गोबर बेचकर जो पैसे हासिल होंगे उन्हें सरकार को ही वापस करेंगे। छ ग मनरेगा महासंघ का 9वा दिन रामायण कार्यक्रम के माध्यम से शासन को 2 सूत्रीय मांग किया गया। साथ ही जिला सचिव संघ अध्यक्ष योगेश चंद्राकर द्वारा मांगो पर समर्थन दिया गया।
ज्ञात हो कि विगत 4 अप्रैल से मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इससे पंचायतों में मनरेगा के काम ठप है तो वही पंचायती कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। लोगों के पास रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। जहां एक ओर सरकार ने मनरेगा के जरिए छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दूर करने का प्रयास किया था वहीं अब इस हड़ताल के लंबा खींचते देख फिर से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर संकट मंडरा रहा है। मनरेगा कर्मचारी अपने नियमितीकरण सहित ग्राम रोजगार सहायकों के वेतनमान निर्धारित कर 1966 अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन में डटे हुए हैं। सरकार द्वारा उनके दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जाने से वे नाराज हैं और इसी के चलते अब तक वह हड़ताल से नहीं लौटे हैं।

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