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सांसद मोहन मंडावी ने शिक्षिका बहनों को किया अंगना म शिक्षा से सम्मानित

बालोद। चैत्र नवरात पर नवरात्र महोत्सव एवं सम्मान समारोह 2022 का आयोजन मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण ठेमाबुजुर्ग में मुख्य अतिथि मोहन मंडावी सांसद लोकसभा क्षेत्र कांकेर, शिव प्रसाद बारला पूर्व जिला पंचायत सदस्य दुर्ग एवं अध्यक्ष मंदिर समिति, सोमेश साहू , कमलकांत मेश्राम विकास खंड शिक्षा अधिकारी, अनिता कुमेटी एवं सत्रह गांव के गणमान्य नागरिक के सानिध्य में संपन्न हुआ।


समारोह में सांसद ने महिला सशक्तिकरण व उन्मुखीकरण पर नारी शक्ति व उनके भक्ति को ससम्मान करते हुए …आज के वातावरण को देखते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि घर को स्वर्ग बनाने की जिम्मेदारी व दायित्व अपने भक्ति भाव के माध्यम से पूजा व आराधना कर भक्त बन कर भगवान को पाया जा सकता है। इसलिए माता नहीं बल्कि देवी शक्ति स्वरूपा है। चाहे वह दुर्गा के नौ रूप में रहें ।

क्योंकि जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवता लोग निवास करते हैं। घर परिवार समाज व देश की सेवा करने में अहम भूमिका रहती है । माताएं समाज को नशा मुक्त कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विशेष पहल करें जिससे समाज की दशा और दिशा और सुदृढ़ हो सकें और राष्ट्रहित में अपना कार्य बखूबी से निष्पादन कर सकें ..।

अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के तहत बी.आर.जी एवं विकासखंड नोडल श्रीमती मोना रावत कार्यक्रम में सांसद मोहन मंडावी और साथ में अन्य उपस्थित अतिथिगण को आदिवासी विकासखंड डौंडी में चल रही छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा एवं समग्र विभाग के तहत पढ़ई तुंहर द्वार 2.0 के अंतर्गत अंगना म शिक्षा सभी 9 काउंटरो के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया। उपस्थित सांसद लगे हुए स्टॉल को सराहा। साथ ही साथ श्रीमती लेखिन साहू द्वारा बताया कि माताएं घर में ही काम करते-करते बखूबी से बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनके जीवन को संवार सकती है । श्रीमती मंजुलता श्रवण ने बताया कि माताएं जो आसपास के परिवेश में समय हमें बहुत सारी ऐसी वस्तुएं यह सामग्री जो पास पड़ोस में देखने , सुनने , परखने , अवलोकन करने को मिलती है उससे भी माताएं बच्चों को भी व्यवहारिक शिक्षा देकर प्रारंभिक ज्ञान दे सकते है। जैसे चूड़ी,कपड़ा,खाने पीने की वस्तु व अन्य चीजों से रंगों को भी असानी से बताना , वस्तु को गिनना ,उनके आकृति व संबंधित गतिविधियों को समझ विकसित कर सकते हैं। मेला में श्रीमती अनिता जायसवाल ने बताया कि माताएं ही बच्चों की प्रथम गुरु है एवं बच्चे अधिक समय अपनी माताओं के साथ बिताते हैं इस कारण अंगना म शिक्षा कार्यक्रम में माताओं को आगे जोड़ने का मुख्य उद्देश्य है। म8हिलाओं के हित में किया गया उल्लेखनीय कार्य को बताने का प्रयास – अंगना म शिक्षा के उद्देश्यों में खरा उतरे वनांचल क्षेत्र के शिक्षिका बहनें। मेला में सभा को संबोधित करते हुए उपस्थित शिक्षिकाओं ने बखूबी से निर्वहन करते बताया कि अलग-अलग नौ काउंटरों में बच्चों व शिक्षिकाओं के द्वारा सहायक शिक्षण सामग्री के साथ मेला मैन्युअल, सपोर्ट कार्ड, गतिविधि बुकलेट, संकलन प्रपत्र, कॉन्सेप्ट नोट आदि का प्रस्तुतिकरण मेला में किया गया । साथ ही अंगना में शिक्षा कार्यक्रम के तहत उल्लेखनीय व उत्कृष्ट कार्य करने वाले माताओं को माताओं से बातचीत के दौरान माताओं को घर में बच्चों के साथ गतिविधि करने हेतु प्रोत्साहित करने वाली माताओं को स्मार्ट माता का चयन कर उन्हें सम्मानित करना एवं उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराना। माता एवं शिक्षिकाओं से मेला का अनुभव बताने हेतु प्रोत्साहित करना। विशेष कर मेले में 5-8 वर्ष तक के बच्चों को ही शामिल किया जाना है।

ये हुई अंगना म शिक्षा सम्मान से सम्मानित

शिक्षक उद्घोषक मंच डोंडी के तत्वाधान में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोहन मंडावी व सत्रह गहियां समिति के नागरिक बंधुओं के कर कमलों द्वारा श्रीमती मोना रावत शासकीय प्राथमिक शाला बनगांव, श्रीमती लेखिन साहू एवं श्रीमती मंजुलता श्रवण प्राथमिक शाला कुआगोंदी श्रीमती अनिता चिपरा एवं श्रीमती प्रतिमा साहू अंगना म शिक्षा सम्मान से सम्मानित हुए और महिलाओं को आगे लाने हेतु हमेशा सक्रिय होकर सहभागिता का परिचय देने हेतु सतत व अनवरत कार्यक्रम नारी शक्ति को जगाने हेतु सुझाव दिया गया । सभी शिक्षिका बहनों को सम्मानित किए जाने पर शिक्षक उद्घोषक मंच डौंडी के समस्त पदाधिकारी व सदस्यगणों में हर्ष व्याप्त है एवं सत्रह गहियां मंदिर समिति ठेमाबुजुर्ग सभी शिक्षिका बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं संप्रेषित किए हैं ।

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