बालोद/ गुरूर। कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नए नए केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों व स्टाफ की ड्यूटी भी चुनौतीपूर्ण है कि वे अपनी ड्यूटी कैसे करेंगे। खासतौर से जब प्रसव के केस सामने आते हैं तो चुनौती दुगनी हो जाती है। ऐसा ही एक मामला गुरुर ब्लॉक में सामने आया जहां पर एक 26 वर्षीय गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई। डॉक्टरों के सामने चुनौती थी कि कैसे इसका प्रसव करें। जान जोखिम में डालकर सुरक्षा के उपाय अपनाते हुए दो-दो जिंदगी बचाने की मशक्कत शुरू हुई और चंद घंटों के भीतर यह जिंदगी की जंग जीत ली गई। सुरक्षित प्रसव हुआ जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। यह प्रसव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोडरा में हुआ है।

खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.आर.रावटे ने बताया कि उक्त गर्भवती महिला का कोविड जॉच उपरांत रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया था, उसके प्रसव की तिथि 06 नवम्बर 2020 थी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार महिला के प्रसव हेतु उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बोडरा में भर्ती कराया गया। जहॉ प्रसव कार्य में लगे चिकित्सकीय स्टॉफ ने शासन द्वारा जारी कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए प्रसव कार्य सफलतापूर्वक संपादित किया। उन्होंने बताया कि प्रसव पश्चात माता व शिशु दोनो स्वस्थ है, जिनका सतत् देखरेख संस्था के चिकित्सकीय स्टॉफ द्वारा किया जा रहा है। प्रसव कार्य आर.एम.ए. किरण बंजारे, स्टॉफ नर्स मथुरा, पायल सोनवानी, आया मीना यादव द्वारा संपादित किया गया।
