हिन्दू नव वर्ष के स्वागत में लौह नगरी में 1 लाख दीपों की जगमगाहट



नगर के सभी 27 वार्ड में सामूहिक माँ भारती की हुई आरती

शेखर गुप्ता, दल्लीराजहरा। भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में सर्व समाज समरसता समिति ने केसरिया ध्वजों के संग मां भारती की जय घोष करते हुए मोटर साइकिल रैली निकाल कर नगर भ्रमण किया ।गाजे – बाजे के साथ नगर भ्रमण करते हुए रैली में शामिल महिला – पुरुषों ने अपनी खुशियां जाहिर की ।आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के उत्थान और उत्कर्ष के लिए प्रयासरत आयोजन से जुड़कर सर्व समाज को एक सूत्र में पीरो कर एकजुटता के परिचय के साथ भारतीय नव वर्ष मनाया जा रहा है। भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में सर्व समाज समरसता समिति ने केसरिया ध्वजों के संग मां भारती की जय घोष करते हुए मोटर साइकिल रैली निकाल कर नगर भ्रमण किया। गाजे – बाजे के साथ नगर भ्रमण करते हुए रैली में शामिल महिला – पुरुषों ने अपनी खुशियां जाहिर की ।यह रैली निकाली गई है ।उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वालों के प्रति आभार प्रकट किया ।रैली शिव संस्कार धाम से निकल कर पंडर दल्ली दुर्गा मंच , ओपन एयर थियेटर , महाराष्ट्र मंडल चौक , टीचर कालोनी , पुराना एलआईसी ऑफिस , निर्मला स्कूल , चिखलाकसा नगर पंचायत , अटल चौक होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंची ।रैली का दीपोत्सव के साथ समापन किया गया।भारत के समृद्ध विरासत और सनातन संस्कृति के मान बिंदु भारतीय नववर्ष की शुभ बेला आ गई।

सभी स्वयं सेवी संगठन, जातीय समाज, व्यापारिक संगठन, मजदूर संगठन, छात्र संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधियों से विनम्र प्रार्थना है की सनातन धर्म संस्कृति के उत्थान और उत्कर्ष के लिए प्रयासरत आयोजन से जुड़कर कार्यक्रम को अवश्य सफल बनाये 

1लाख दीपों के साथ नगर में माँ भारती की आरती- सर्व समाज समरसता समिति की अपील पर

नगर के सुख, शांति, सौर्हाद्र व राष्ट्र और धर्म के लिए 5 दिया जलाकर  नवराष्ट्र के निर्माण में नगर में महिला, पुरुषों भागीदार दिया।

शुक्रवार को संध्या 6.30 बजे नगर के सभी 27 वार्ड में भारत माता की आरती में सम्मिलित होकर 5 दीपको का दान कर सहपरिवार सम्मिलित भारतीय नववर्ष का उत्सव किसी एक राजनितिक दल या व्यक्ति का नही है अपितु सम्पूर्ण भारत वर्ष में रहने वाले  सभी मत पंथ संप्रदाय का उत्सव है इसलिए इसे सभी को मिलजुल कर जोर शोर से मनाया जाना चाहिए आयोजन में केवल उत्सव की प्रधानता हो, किसी विचार धारा या मत पंथ के प्रति अनादर न हो उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने 60 स्थानों में आयोजित भारत माता की सामूहिक आरती को अपने अपने वार्डों में भव्य रूप से एवं अधिक से अधिक दीप जलाकर दीपोत्सव मनाने का संकल्प लिया साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों के द्वारा नगर वासियों से 02 अप्रैल को आयोजित भारतीय नववर्ष के शोभायात्रा व गंगा के आरती के तर्ज पर भारतमाता की दिव्य व भव्य आरती में अधिक से अधिक  तन- मन- धन से सहभागिता प्रदान करने की अपील भी किया गया। भारतीय नववर्ष का उत्सव किसी एक राजनितिक दल या व्यक्ति का नही है अपितु सम्पूर्ण भारत वर्ष में रहने वाले  सभी मत पंथ संप्रदाय का उत्सव है इसलिए इसे सभी को मिलजुल कर जोर शोर से मनाया जाना चाहिए आयोजन में केवल उत्सव की प्रधानता हो, किसी विचार धारा या मत पंथ के प्रति अनादर न हो| उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने 60 स्थानों में आयोजित भारत माता की सामूहिक आरती को अपने अपने वार्डों में भव्य रूप से एवं अधिक से अधिक दीप जलाकर दीपोत्सव मनाने  का संकल्प लिया| साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों के द्वारा नगर वासियों से 02 अप्रैल को आयोजित भारतीय नववर्ष के शोभायात्रा व गंगा के आरती के तर्ज पर भारतमाता की दिव्य व भव्य आरती की गई।

भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या में लगभग सवा लाख दीप जलाकर मनाई गईं खुशियाँ

भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में सर्व समाज समरसता समिति द्वारा दल्ली राजहरा नगर में तीन दिवसीय उत्सव का आयोजन किया गया है| उसी क्रम में द्वितीय दिवस 01 अप्रैल को सभी वार्डों भारतमाता की आरती कर प्रत्येक परिवारों से 5 दीपक दान करने का आह्वान किया गया था| समिति द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से एक दिन पूर्व 1 लाख दीपदानो से नगर में भारतीय नववर्ष के अभिनन्दन करने का दावा किया गया था।
किन्तु आम नगर वासियों का उत्साह चरम पर था..समिति के अपील का असर कुछ यूँ हुआ की नगर के लगभग हर घरों में दीपक जलाये गये| इस प्रकार भारतीय नववर्ष के आगमन की ख़ुशी में दल्ली राजहरा नगर दिन में केसरिया ध्वज से सरोबार हुआ तो रात्रि लगभग 1 लाख दीपों के जगमगाहट से प्रकाशित हुआ |

ज्ञात हो की समिति के द्वारा 60 स्थानों पर नियत समय 07 बजे एक साथ भारत माता की आरती व एक लाख दीप जलाकर भारतीय नववर्ष का अभिनन्दन करने का योजना बनाया गया था| इसके लिए सभी स्थानों में भारत माता का छाया चित्र फ्रेम कराकर वितरित भी किया गया था|

एक बातचीत में समिति के पदाधिकारियों ने नगर के प्रत्येक घरो से पांच दीपक दान कराने के पीछे का उद्देश्य यह बताया की
यह पांच दीप है मंगल कामना का, मंगल भावना का, मंगल प्रार्थना का, राष्ट्र व धर्म के प्रति सामूहिकता दिखाने का, सकारात्मकता ऊर्जा पैदा करने तथा सद्भाव जगाने का।
देश के प्रति निष्ठा प्रदर्शित करने के ऐसे शुभ अवसर बार बार नहीं आते। इससे पहले भी हमने मंगल वाद्य द्वारा अपनी एक जुटता का प्रदर्शन किया है। समूचे विश्व ने इस कार्य को सराहा है। हमारे इस कार्य ने हाहाकारी आपदा काल में संलग्न सभी कर्मियों के मनोबल को बढ़ाया है , हमें स्वामी विवेकानंद जी के अमरवाणी ” गर्व से कहो हम हिन्दू है” की अभिव्यक्ति का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है, इसलिए समिति ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है की हम रहे या न रहे पर भारत माता और सनातन धर्म का वैभव सदा अमर रहे इसलिए प्रत्येक नगर वासी भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या में प्रति वर्ष ठीक 7 बजे मंगल दीप जलाएं। हो सके तो अपने जिह्वा से यशोगान गीत ॐ जय भारत माता गाकर इस दिवस को और भी मंगल बनाएं।

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