बालोद – लंबे समय तक रायपुर के एक अस्पताल में इलाज के बाद साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी का निधन हो गया. जिनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को गुरुर में हुआ. करीब दो साल पहले वे प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे. छग जनता जोगी कांग्रेस से भी वे विधान सभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी रहे. राजनीती के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी उनकी अच्छी पकड़ थी. श्री हिरवानी बालोद जिला साहू समाज के दो बार अध्यक्ष सहित अन्य पदों में भी रह चुके थे. सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद वे समाज सेवा के क्षेत्र में आ गए थे इसलिए उन्हें समाज ने काफी सम्मान भी दिया। गायत्री संस्था में भी वे समाज बालोद जिले के सह समन्वय थे । गुरूर में इसी संस्था के प्रमुख ट्रस्टी भी थे। वे 10 साल से बस्तर में नक्सल प्रभावित ऐसे बच्चों को भी पाल रहें थे. जिनके माता.पिता की हमले में मौत हो गई है। श्री हिरवानी के निधन से गुरुर सहित पुरे जिले व साहू समाज में शोक का माहौल है.
गृह मंत्री ने दी श्रद्धांजलि

प्रदेश के लोक निर्माण, गृह, जेल, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी के निधन पर तहसील मुख्यालय गुरूर में उनके निवास स्थल पहुॅचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने श्री हिरवानी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक भैय्याराम सिन्हा ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री सदानंद कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम, एस.डी.एम. श्रीमती रश्मि वर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक आदि मौजूद थे।
धर्मांतरण रोकने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए
समाज के लोगों ने कहा अर्जुन हिरवानी का जाना समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। जिसे पूरा कर पाना समाज के लिए संभव नही होगा। वे साहू समाज के नगीना थे जिन्होंने समाज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। उनके जाने से साहू समाज स्तब्ध है और समाज में शोक की लहर है। अर्जुन हिरवानी मूलतः बालोद जिले के गुरुर के रहने वाले थे। वे शासकीय सेवा में भी रहे। इसके बाद वे समाज सेवा से जुड़े और समाज के उत्थान के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी दो बेटियां है। रायपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान प्रदेश के कई बड़े नेता उनसे मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी उनका कुशलक्षेम जानने अस्पताल पहुंचे थे। लंबे समय से अस्वस्थ होने के कारण इस बार वे 7 जनवरी को भक्तिन माता राजिम की जयंती कार्यकम में भी शामिल नही हो सके थे।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके निधन पर अपनी संवेदनाएं प्रकट की है।अर्जुन हिरवानी एक सरल सहज और मिलनसार स्वभाव के व्यक्तित्व के धनी थे। अपनी बात को सहजता से प्रस्तुत करना और फिर उसे लोगो से मनवा लेना उनकी बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने धर्मांतरण रोकने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए, जिनका असर भी समाज को देखने मे मिल रहा है।
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