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2021 में गंवाई पैर, 2022 में मिला नए पैर का तोहफा,पढ़िए कैंसर से जंग जितने वाली दीपा जोगी की दिल छूने वाली कहानी,,,,

जान बचाने के लिए कैंसर से जूझ रही दीपा के काटने पड़े थे एक पैर, डीबी ग्रुप के युवाओं ने कृत्रिम पैर लगवा कर दी नई जिंदगी, अब फिर से चल पाएगी

बालोद/ दल्लीराजहरा। गुरुर ब्लाक के ग्राम चिटौद की रहने वाली दीपा जोगी लगभग 2 साल से कैंसर से जूझती रही। घुटने का ट्यूमर इतना बढ़ गया कि दोबारा ऑपरेशन के बाद भी वह ठीक नहीं हो पाई थी। अंततः डॉक्टरों के अंतिम निर्णय पर उसे अपना बाया पैर गंवाना पड़ा। पैर कटने के बाद मानो दीपा हिम्मत ही हार चुकी थी कि वह आगे कैसे जिएगी। लेकिन दल्ली राजहरा के डोनेट ब्लड ग्रुप (डीबी ग्रुप) के युवाओं ने दीपा को नहीं जिंदगी दे दी और एक संस्था के माध्यम से दीपा के लिए निशुल्क कृत्रिम पैर की व्यवस्था की। अब दीपा अपने कृतिम पैर के जरिए चल पाएगी। उसे नई उम्मीद मिल गई। बाकी की जिंदगी वह अच्छे से जी पाएगी। बता दें कि डोनेट ब्लड ग्रुप के युवा लगातार 2 साल से इस बच्ची की जान बचाने के लिए प्रयासरत थे। पहले कोशिश यही थी कि उसका पैर ना कांटना पड़े लेकिन स्थिति ऐसी आन पड़ी कि लगातार उसकी तबीयत बिगड़ी व ट्यूमर बढ़ता रहा तथा जान बचाने के लिए मजबूरन दीपा जोगी के पैर को काटना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय है। दीपा जोगी के पिता भी दिव्यांग है। तो माता सरोज रोजी मजदूरी करती है। शुरुआत से ही दल्ली राजहरा के डोनेट ब्लड ग्रुप के युवा इनके इलाज में मदद करते रहे। तो लोगों से भी चंदा करके इस मदद की मुहिम में कई हांथ जुड़े थे। अंततः बच्ची को नया जीवन देने के साथ-साथ उसे नया पैर दिलाने में भी युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नए साल में मिला नया पैर,,,,
दीपा कहती है की 2020-21 यह 2 साल उनके लिए बहुत ही संघर्ष का समय रहा। 2022 उनके लिए कुछ नया लेकर आया। नए साल में वह अपने नए पैर से नया जीवन शुरु कर रही है। उसे यह उम्मीद भी नहीं थी कि आगे कभी वह चल पाएगी। पर डोनेट ब्लड ग्रुप के युवाओं सहित उनके परिजनों ने उनका हौसला बनाए रखा और अंततः जीत हौसले की हुई। अब फिर से दीपा अपने पैरों पर चल पाएगी। बता दे कि दीपा के कैंसर का इलाज डोनेट ब्लड ग्रुप के युवाओं द्वारा मुंबई सहित रायपुर अस्पताल में करवाया जा रहा था। गत वर्ष लॉकडाउन की वजह से भी उनका इलाज काफी प्रभावित हुआ था। पर युवाओं ने मदद करनी नही छोड़ी, ना दीपा ने हिम्मत हारी और अब नई जिंदगी शुरु कर रही है।

इनकी रही विशेष भूमिका

डोनेट ब्लड ग्रुप के दीपक साहू ने बताया बच्ची दीपा जोगी गंभीर बीमारी कैंसर पीड़ित थी। जिसका 1 पैर जान बचाने कांटना पड़ा था। जिसे राजहरा की संस्था व समाजसेवी क्रांति जैन के माध्यम से कृत्रिम पैर लगवाया गया। अब बच्ची को चलने में आसानी होगी। बच्ची के परिजनों सभी दानवीरों को साधुवाद दिया। इस बच्ची के इलाज हेतु राजहरा के दानवीर राजहरा व्यापारी संघ के क्रांति जैन, डीबी ग्रुप के युवा समाजसेवी पवन सोनी सहित अन्य कई लोगों के सहयोग से बच्ची दीपा जोगी अब अपने नव जीवन को आसानी से जियेगी।
डोनेट ब्लड ग्रुप के युवाओं द्वारा दानदाताओं की मदद से ऐसे कई जरूरतमंद बच्चों का इलाज करवाया जा चुका है। तो साथ ही वर्षों से रक्तदान की पहल चल रही। बच्ची दीपा के इलाज में ग्रुप के प्रमुख दीपक साहू, पवन सोनी, संतोष रात्रे, लक्ष्मण देवांगन, भरत देवांगन, कुलदीप, हेमन्त गौतम सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।

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