बालोद। जिले के विभिन्न इलाकों में बीती रात से लेकर दिन भर हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। तो साथ ही धान खरीदी व्यवस्था चरमरा गई है। खेतों और खलिहानों में तो धान भीगा ही है। सोसाइटी में भी स्थिति बद से बदतर हो चली है। कई जगह में तालाब जैसी तस्वीर सामने आई है। तो वहीं शासन द्वारा मौसम को लेकर चेतावनी दिए जाने के बाद भी कैप कवर ठीक से नही ढंक कर लापरवाही दिखाई गई। जिसका परिणाम है कि कई सोसायटी में आधी अधूरी व्यवस्था के बीच धान भीग गए हैं।

ऐसा ही हाल गुरुर के फागुनदाह सोसाइटी में भी दिखा। जहां तालाब जैसा नजारा था। जब सुबह कुछ किसान यहां की स्थिति देखने पहुंचे तो सोसाइटी के मजदूर पानी निकासी का रास्ता बना रहे थे। तो मौके पर मौजूद प्रबंधक बिसौहा राम शांडिल्य से जब किसानों ने इस लापरवाही की जिम्मेदारी पूछी। तो वे खुद की जिम्मेदारी लेने लगे। फिर बात बढ़ गई। किसानों का कहना था कि पहले से सरकार का आदेश था तो धान को ढकना था। प्रबंधक का कहना था हमने तो ढका ही है, देख नहीं रहे क्या? तो वहीं किसानों द्वारा बनाए गए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कई जगह आधा अधूरा धान ढका रखा हुआ था। जो काफी भीग चुका है। फागुनदाह के भाजयुमो नेता अनिल साहू ने आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती गई है। जिसकी वजह से लाखों का धान भीग गया है। ऐसी स्थिति और भी कई जगह है।
धान खरीदी 1 हफ्ते तक प्रभावित होने की आशंका

इधर मौसम में आए बदलाव से धान खरीदी लगभग 1 हफ्ते तक प्रभावित होने की आशंका है। बुधवार को कहीं भी खरीद नहीं हुई। गुरुवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है। क्योंकि फड़ को सूखने में भी समय लगेगा। वही कलेक्टर ने औराभांठा सोसाइटी का निरीक्षण भी किया है। सभी प्रबंधकों व अफसरों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर मौसम विभाग ने अभी 2 दिन और बारिश की आशंका जताई है। तापमान में भी गिरावट बरकरार रहेगी।

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