बालोद। खरखरा मोहन्दी पाट परियोजना का नाम क्षेत्र के पूर्व विधायक, इस परियोजना के सूत्रधार दाऊ प्यारेलाल बेलचंदन के नाम करने पर क्षेत्र के किसान एवं बेलचंदन जी के कार्यकाल में विधायक प्रतिनिधि रहे क्रांति भूषण साहू जिला संयुक्त सचिव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर का आभार मानते हुए धन्यवाद दिए हैं।

उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इस परियोजना के लिए बेलचंदन जी के द्वारा जितना मेहनत किया गया आज उनके समकक्ष ऐसा कोई जनप्रतिनिधि नहीं है जो इस तरह से किसानों के लिए योजना ला सके। भरदा कला मोहदी पाट क्षेत्र के किसानों के लिए बेलचंदन जी की तुलना भगवान से की जा सकती है जो कि इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के धरती की प्यास को बुझाने का काम किए। आज खरीफ फसल में पानी की कमी होने पर किसान इस परियोजना का नाम लेते हैं साथ में बेलचंदन जी का नाम लेते हैं और निश्चिंत रहते हैं कि जैसे भी करके धान की फसल को पका लेंगे। गर्मी के दिनों में निस्तारी जल की कमी नहीं रहती है। यह सब बेलचंदन जी के दूरगामी सोच का परिणाम है कि आज इस क्षेत्र के किसान संतुष्ट हैं। आगे उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए बेलचंदन जी के द्वारा इतनी मेहनत की गई यदि उनके स्थान पर कोई दूसरा होता तो अपने विधायकी के हिसाब से ही राजनीति करते रहते लेकिन बेलचंदन जी द्वारा इस परियोजना के स्वीकृति के लिए अपनी टिकट को भी दांव पर लगा दिए ।
क्योंकि इस परियोजना के लिए पचासों बार भिलाई स्टील प्लांट का चक्कर काटना पड़ा। उनके द्वारा अपनी आवश्यकता से अतिरिक्त पानी होने की उपलब्धता बताई गई तब यह परियोजना आगे बढ़ा।
शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए बेलचंदन जी महीनों भोपाल में डटे रहते थे। मेरे अलावा क्षेत्र के बहुत से प्रमुख कार्यकर्ता दाऊजी के कहने पर भोपाल भी जाना पड़ा था। यदि बेलचंदन जी की इस परियोजना के प्रति ईमानदारी पूर्वक कोशिश नहीं रहती तो आज हो सकता है उनके परिवार से किसी न किसी का कोई भी विधानसभा क्षेत्र में जरूर प्रतिनिधित्व रहता है लेकिन बेलचंदन जी द्वारा इस परियोजना के लिए स्वयं की राजनीतिक साख को दांव पर लगा दिए और और इस बात का क्षेत्र की जनता गवाह भी है। उनके क्षेत्र के प्रति योगदान को सद व्यवहार को क्षेत्र के किसान हमेशा याद रखेंगे ।
आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों के साथ एवं बेलचंदन जी के परिवार के मार्गदर्शन पर क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी गांव में प्रतिमा स्थापना की जाएगी। साथ ही विशाल किसान सम्मेलन के माध्यम से चंदन जी को श्रद्धांजलि देंगे।
