बालोद। अधिवक्ता भेषकुमार साहू, जिलाध्यक्ष- कांग्रेस कमेटी विधि प्रकोष्ट बालोद ने कहा किसानों को कमजोर समझने वाली केंद्र की असंवेदनशील सरकार को झुकने पर किसानों ने ही मजबूर किया। आखिर असत्य पर सत्य की जीत हुई। केन्द्र की ताना शाह सरकार जो उद्योग पतियों के हितैसी बने हुए थे, किसानों के हित में बड़ी मजबूरी में देर से फैसला लिया। जब कई किसान इस आंदोलन में शहादत हो गई है। लोगों के लिये अन्न पैदा करने वाले देश के इन किसानों को 1 वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद बड़ी सफलता मिली है। आखिर 5 राज्य में चुनावी हार के बाद किसान विरोधी काला कृषि कानून को वापस लिया गया है। उन्होंने मांग की है कि, इस आंदोलन में शहादत हुए सभी किसानों के परिवार को 50-50लाख रु शासन की ओर से दिया जाए।
5 राज्यों में हार के बाद मोदी सरकार ने 3 कृषि कानून को वापस लेने किया ऐलान- भेष साहू
