इस विद्यालय में शिक्षा को संस्कार से जोड़कर आंवला नवमी पर वृक्ष बचाने लिए संकल्प



बालोद। कहते हैं विद्यालय सर्वांगीण विकास का केंद्र होता है जहां हर प्रकार के ज्ञान से बच्चों को संस्कारित किया जाता है इसी बातों को चरितार्थ करते हुए शासकीय हाई स्कूल जमरूवा में आंवला नवमी के अवसर पर आंवला सहित विद्यालय परिसर में रोपे गए समस्त पौधों की पूजा अर्चना कर उनके संवर्धन एवं रक्षा हेतु विद्यालय परिवार के प्राचार्य श्रीमती अंजना बेक के नेतृत्व में वृक्ष बचाने का संकल्प लिया गया।

अधूरे अहाता से विद्यालय में रोपे गए वृक्षों को बचाना एक चुनौती

ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय बालोद से 10 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 में स्थित ग्राम जमरूवा के हाई स्कूल अनुशासित एवं संस्कारित शिक्षा के लिए हमेशा से जाना जाता है, आज इसी संस्कार को आगे बढ़ाते हुए आंवला नवमी के उपलक्ष में अधूरे अहाता निर्मित इस विद्यालय में रोपे गए वृक्षों को बचाना एक चुनौती हो गया है। इस चुनौती से निपटने के लिए शिक्षा को संस्कार से जोड़कर विद्यालय में आंवला नवमी के पर्व पर विद्यालय परिसर में रोपे गए। आंवला वृक्ष के साथ-साथ अन्य पौधों की पूजा अर्चना की गई और इनके रक्षा एवं संवर्धन का संकल्प समस्त विद्यार्थियों एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य के साथ व्याख्याता गण पी आर साहू , रघुनंदन गंगबोईर,टोमेश्वर साहू, श्री मती कीर्ति अग्रवाल, श्रीमती हितेश साहू, श्रीमती टुमन सोनी कुमारी उत्तरा ठाकुर आदि उपस्थित थे।

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