हेल्थ वेलनेस सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण के लिए पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के समर्थक, स्टाफ मिले नदारद, लटका था ताला



बालोद/ भिलाई। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के समर्थक इन दिनों छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में खासतौर से अंदरूनी क्षेत्रों के अस्पतालों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और आकस्मिक निरीक्षण भी कर रहे हैं। इस क्रम में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थक सचिव युवा कांग्रेस स्वास्थ्य मंत्री बालोद ब्लाक के ग्राम परसोदा के हेल्थ वेलनेस सेंटर का जायजा लेने के लिए बुधवार की शाम 6.30 को पहुंचे थे। हेल्थ वेलनेस सेंटर को 24 घंटे खुला रखने का प्रावधान है। लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा था जब यहां समर्थक जायजा लेने पहुंचे तो बाहर ताला लटका हुआ था। कोई स्टॉप भी नहीं था। इस पर मंत्री के समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की। सीएमएचओ जयप्रकाश मेश्राम को भी इसकी जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद वहां के आरएचओ पहुंचे और उन्होंने सीएमएचओ को फोन पर सफाई दी ।

वीरेन्द्र राणा

भिलाई से आए मंत्री के समर्थक वीरेन्द्र राणा राजपूत ने बताया कि हेल्थ वेलनेस सेंटर में यह लापरवाही ठीक नहीं है। कोई न कोई स्टाफ को तो रहना ही चाहिए। लेकिन एकदम से ताला लगाकर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों के समक्ष भी मौजूदा स्टाफ को कहा कि साजा क्षेत्र के महुआ भांठा गांव में इसी तरह की लापरवाही के चलते प्रसव पीड़िता की मौत हो गई थी। जब मजबूरी में कोई स्टाफ न होने पर आया ने रिस्क लेकर प्रसव कर दिया था। ऐसी घटना ना हो इसलिए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग कोने में जाकर वहां की स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

वही इस लापरवाही पर यह जवाब आया संबंधित स्टाफ का

जब इस मामले में हमने जिन लोगों पर लापरवाही का आरोप लगे हैं, उनसे भी बात की तो उन्होंने अपनी अपनी बात इस तरह से रखी।

आरएचओ राकेश सिंह ने कहा कि उनका घर पास के गांव झलमला है। उनकी वैक्सीनेशन सेंटर में ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी का समय समाप्त होने के बाद वे टेलीफोनिक अनुमति लेकर कुछ जरूरी काम से बालोद में सामान लेने के लिए गए थे। इस बीच उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग अस्पताल पहुंचे हैं तो वे तत्काल अस्पताल आए। उन्होंने कहा कि अगर इमरजेंसी रहती है तो फोन करने पर आ ही जाते हैं तो वही सीएचओ विभा साहू ने कहा कि अभी लगातार टीकाकरण के चलते अलग-अलग जगह ड्यूटी लग रही है। मुख्यालय में सेवा दे ही नहीं पा रहे हैं। जब संबंधित व्यक्ति निरीक्षण किए तो मैं विभागीय ट्रेनिंग से लौट रही थी। रास्ते में थी और अस्पताल पहुंची। उन्होंने कहा कि प्रसव कराने का अधिकार हमें नहीं है। उसके लिए एएनएम है। लेकिन इमरजेंसी में हम उनका सपोर्ट तो करते ही हैं। यहां के जो एएनएम है वह अभी छुट्टी में है। उनका विगत दिनों एक्सीडेंट हो गया है। लापरवाही वाली कोई बात नहीं है। आसपास ही क्वार्टर में रहते हैं कोई केस आता है तो तुरंत आ जाते हैं। वही ड्यूटी ओपीडी समय में तो पूरा मौजूद रहते ही हैं। वहीं अस्पताल के बाहर ताला लटके रहने पर दोनों स्टाफ ने कहा कि हम दोनों नहीं थे तो सफाई कर्मचारी द्वारा बाहर में सुरक्षा के लिहाज से ताला लगाया गया था।

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