
हरिवंश देशमुख, मालीघोरी। बालोद जिले के डौंडी लोहारा ब्लॉक के ग्राम दुधली के मिडिल स्कूल का सरकारी फर्नीचर इन दिनों कलकसा के एक प्राइवेट हॉटल में सजा हुआ है। सरकारी स्कूल की संपत्ति प्राइवेट होटल में पहुंची कैसी, जब इस बात का Dailybalodnews.com ने पता लगाया तो एक रोचक किस्सा सामने आया। जिम्मेदार प्रधान पाठक का कहना है कि स्कूल में जगह न होने के कारण उक्त फर्नीचर को उन्होंने हॉटल मालिक को अपने निजी भवन यानी मकान में सुरक्षित रखने के लिए दिया था। लेकिन यह क्या होटल मालिक ने तो इस सरकारी संपत्ति को अपनी संपत्ति बना ली और फिर क्या था, उन फर्नीचर को बकायदा होटल में ही सजा दिया। जहां यहीं पर ही लोग नाश्ता करने के लिए बैठते हैं। जब हमारे रिपोर्टर की नजर इस पर पड़ी और फर्नीचर में लिखे स्कूल के नाम पर ध्यान गया तो लोग भी चौक गए।

सरकारी स्कूल का 20 टेबल व 21 बेंच प्राइवेट हॉटल की शान बढ़ा रहा था। अब जब मामले की पोल खुली तो जिम्मेदार अधिकारी और शिक्षक तक भी गोलमोल जवाब देने लगे हैं। दुधली मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक बीसी देशलहरा का कहना है कि स्कूल को कोरोना काल में क्वारेंटाइन सेंटर बनाये जाने व जगह न होने के कारण मैंने होटल मालिक देवेन्द्र देवांगन को स्कूल में जगह न होने के कारण अस्थाई रूप से उनके निजी मकान में फर्नीचर को रखने के लिए दिया था। मुझे नहीं मालूम था कि वह उसे होटल में उपयोग कर रहा है।
मैंने टेबल और ब्रेंच को देवेंद्र देवांगन के घर में रखने लिए दिया गया था। जिसे देवेंद्र देवांगन से लिखवा कर लिया हूं कि 20 टेबल एवं 21 ब्रेंच ले जा रहा हूं। टेबल और ब्रेंच होटल में उपयोग हो रहा है इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
होगी जांच, करेंगे कार्रवाई- बीईओ
वहीं बीईओ आरसी देशलहरा का कहना है
मुझे जानकारी मिली है कि स्कूल के ब्रेंच टेबल को स्कूल में जगह नहीं होने के कारण किसी निजी के घर रखवाया गया था। लेकिन उसका होटल में उपयोग किया जा रहा है। सरकारी संपत्ति को किसी निजी के घर रखना गैरकानूनी है। मामले को जांच कर कार्रवाई करेंगे।
