बालोद जिला।
सर्व आदिवासी समाज छ.ग. के आह्वान पर सर्व आदिवासी समाज के द्वारा अनिश्चित कालिन धरना प्रदर्शन का शुरुआत किया गया। जिले भर में हो रहे धरना प्रदर्शन में सिलगेर गोली कांड मे मारे गए निर्दोष आदिवासी ग्रामीण को तत्काल मुआवजा देने, बस्तर संभाग में नक्सली समस्या का समाधान, आदिवासी के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों पर उचित कार्रवाई, आदिवासी समाज की बहन बेटियों को बहला फुसलाकर गैर आदिवासी द्वारा शादी करने वालों पर कार्रवाई, व अन्य मुद्दों व स्थानीय मांगो लेकर अनिश्चितकालिन धरना प्रदर्शन का आगाज किया गया है। इस आंदोलन में सामान्य प्रभाग, महिला प्रभाग, युवा प्रभाग एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये है मांगे
1 सुकमा जिला के ग्राम सिलगेर में निर्दोष ग्रामीणों के ऊपर अंधाधुन गोलीबारी से मृतकों के परिजनों को 50 लाख, घायलों को 05 लाख एवं मृत परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार शासकीय नौकरी दिया जाये।
बस्तर में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान हेतु शासन स्तर पर पहल किया जाये।
- पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में जब तक माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन समाप्त नहीं हो जाते तब तक किसी भी हालत में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रिक्त पदों को नहीं भरे जाने, उसे सुरक्षित रखे जाने और जितने सामान्य वर्ग के अधिकारी / कर्मचारी की अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों पर नियम विरुद्ध पदोन्नति हुई है उसे तत्काल पदावनत किया जाकर पदोन्नति नियम 2003 एवं आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 06 नियम 1998 एवं समय समय पर जारी निर्देशों का उलंघन कर नियम विरुद्ध पदोन्नति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं धारा 06 आरक्षण अधिनियम 1994 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही किया जाये।
- शासकीय नौकरी में बैकलॉग एवं नई भर्तियों पर आरक्षण रोस्टर लागू किया जाये।
- पाँचवी अनुसूची क्षेत्र में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भर्ती में शत् प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाये।
- प्रदेश में खनिज उत्खनन के लिए जमीन अधिग्रहण की जगह लीज में लेकर जमीन मालिक को शेयर होल्डर बनाया जाये। गौण खनिज का पुरा अधिकार ग्राम सभा को दिया जाये।
6.फर्जी जाति प्रकरण में दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही हो।
7.मात्रात्मक त्रुटि में सुधार किया जाकर 18 जनजातियों का जाति प्रमाण पत्र जारी करें, अनुसूची में उल्लेखित जनजातियों का जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं करने वाले संबंधित अधिकारी पर दण्डात्मक कार्यवाही करें।
- छात्रवृति योजना में आदिवासियों के लिए आय सीमा में 2.50 लाख को समाप्त किया जाये।
9.आदिवासी समाज की लड़की से अन्य जाति/समाज में शादी होने पर उनके नाम की जमीन जायदाद वापस किया जाये।
- आदिवासियों पर उत्पीड़न जैसे जमीन का हस्तान्तरण, महिला एवं बच्चों पर अत्याचार, हत्या, जातिगत अपमान पर तत्काल कार्यवाही करें।
- दल्ली राजहरा के 270 एकड़ जमीन जिसको भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग को दे दिया गया है, पुनः उसे मूलतः दल्ली राजहरा के मूल मालिक को वापस किया जाए।
- भिलाई इस्पात संयंत्र के माइंस के द्वारा दल्ली राजहरा एवं उनके आस पास के प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत आदिवासियों को मद के द्वारा उन्हें रोजगार,व्यवसाय शिक्षा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा उपलब्ध करवाए।
- भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा दल्ली राजहरा के लीज में लिए गए जमीन में बाहरी लोगों के अतिक्रमण को हटाया जाए एवं उसे मूल रूप से मूल-मालिक। सौपा जाए।
- छग सामाजिक बहिष्कार प्रतिषेध अधिनियम 2017 रदद करो।
- छत्तीसगढ़ भू राजस्व अधिनियम 2013 रद्द किया जाए ।
दल्ली में इस तरह प्रदर्शन

सर्व आदिवासी समाज छ.ग. के आह्वान पर सर्व आदिवासी समाज तहसील दल्ली राजहरा के द्वारा अनिश्चित कालिन धरना प्रदर्शन तहसील कार्यालय के समीप इंटक आफिस के सामने किया गया । सर्व आदिवासी समाज जिला- बालोद की ओर से तहसील प्रभारी नियुक्त किए गए पदाधिकारी . गंगा राम दरों व नीरज ठाकुर के आदेशानुसार तहसील सर्व आदिवासी समाज का अनिश्चित कालीन आंदोलन का आगाज कर दिया गया है। जिसमे ब्लाक अध्यक्ष संतोष घराना , महिला अध्यक्ष गीता मरकाम , युवा अध्यक्ष ऋषिकेश ठाकुर व पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर के नेतृत्व में आंदोलन को मजबूती प्रदान की जा रही है, एवं अपने मांगों को लेकर सभी पदाधिकारी एवं सदस्य डटे हुए हैं। कीर्ति लता उइके, झमित सहारे, संगीता नेताम, ममता मंडावी, केकती मंडावी, पुष्पा आलेंद्र, छबीला कोर्राम, ममता मानकर,ललिता कंवर, अनुसुइया खरे, सोनम भुआर्य, अहिल्या रावटे,गणेशी चंद्रवंशी,अंजली सोरी,बरखा नेताम,पूजा मरकाम, नेहा मरकाम,भुनेश्वरी नेताम,मंजू नुरूटी,आरती सोरी,दीपिका नुरूटी, रूखमणी नेताम, स्वाति उइके, सोमिया कोलामे, निहारिका ताराम, तनुज सोरी, संदीप मंडावी, दिनेश गावड़े,भूषण मंडावी, हिमांशु करात, मनीष धनेंद्र, दीपक सहारे, दिलीप मंडावी, देंवेंद्र उइके, इंद्र कुमार करात, देवेंद्र कोर्राम, रमेश सोरी,दिलीप सोरी,सोमनाथ उइके,हीरालाल ठाकुर,सम्भु ठाकुर, जितेंद्र कठोर,मोती उइके,हेमंत दोवहारि, शिव ओटी, गजाधर उइके धरने में शामिल हैं।





