15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग, किसानों ने किसान मोर्चा के नेतृत्व में सौपा ज्ञापन, बोले पिछले गलतियों को तो सुधारे सरकार



बालोद। धान खरीदी में रकबा संशोधन सूची 2020-21 में आवश्यक सुधार व कृषकों का धान विक्रय हेतु 5 बार टोकन जारी करने एवं 15 नवंबर को धान खरीदने सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने बुधवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौपा। किसानों ने बताया कि वे ग्राम सोहतरा, परसदा, चिचबोड, अंगारी के कृषक है, कृषि हमारे व परिवार के आजीविका का एक मात्र साधन हैं, चार गाँवों के सभी किसान सेवा सहकारी समिति मर्यादित बेलमांड क्रमांक 403 में धान विक्रय करते है।

जनपद सदस्य हरिश्चन्द साहू ने बताया कि वर्तमान वर्ष 2020-21 में शासन के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के सबंधित नोडल अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा सेवा सहकारी समिति बेलमाण्ड के अंतर्गत ग्राम सोहतरा, परसोदा, परसदा, चिचबोड, अंगारी के किसानों द्वारा धान विक्रय संबंधी धान खरीदी रकबा में संशोधन कराने की सूची 2020-21 में जारी किया गया हैं, जिसमे काफी अनियमितता व त्रुटि पाया गया हैं, जिसका अतिशीघ्र सुधार किया जावे। उक्त अनियमितता व त्रुटि के कारण किसानों को धान विक्रय करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

किसानों ने अपर कलेक्टर को सौपा चार सूत्रीय मांग पत्र
किसानों द्वारा कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को सौपे गए चार सूत्रीय मांगो में प्रमुख रूप से किसानों की ऋण पुस्तिका के मुताबिक सही अवलोकन नही करने के कारण धान खरीदी रकबा में संशोधन सूची 2020-21 में सही व वास्तविक रकबा का उल्लेख नही होने से असुविधा व परेशानी हो रही हैं। भुईया ऑनलाइन राजस्व अभिलेख में भी त्रुटि पाई गई हैं, जिसके कारण पंजीयन होने में परेशानी हो रही हैं, धान खरीदी के लिए निर्धारित समयावधि एक दिसबर के स्थान पर 15 नवंबर से धान खरीदी के लिए निर्धारित किया जावे। विगत वर्ष 2019-20 में 5 बार बढ़ाया जाना उचित होगा, ताकि बड़े किसान समयावधि में सपूर्ण उत्पादित धान विक्रय कर सके। उपरोक्त कारणों से धान खरीदी में रकबा संशोधन की सूची 2020-21 में त्रुटि सुधार हेतु सेवा सहकारी समिति में पंजीयन की तारीख बढ़ाया जाय। इससे किसानों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस दौरान जिला किसान मोर्चा के महामंत्री तोमन साहू, जनपद सदय हरिश्चन्द साहू, रूपराम, अमरीका, विदेशी राम, दीनदयाल, महेंद्र कुमार, नीलकंठ साहू सहित अन्य गांव के किसान शामिल थे।

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