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साथ जीने मरने का वादा ऐसे तो नही पूरा करना था,,,, राजनांदगांव में एक ही फंदे पर पति पत्नी ने झूलकर दे दी जान, पढ़िए आखिर क्या थी वजह

राजनांदगांव। ये किसी प्रेमी जोड़े की घटना नही बल्कि एक पति पत्नी द्वारा उठाया गया दुखद कदम है। दोनो ने एक ही फंदे पर झूलकर एक साथ जान दे दी। घटना आपका दिल दहला देगी। साथ जीने के कसमें खाकर वचन लेकर शादी के बंधन से जुड़े पति पत्नी एक साथ इस तरह दुनिया छोड़ देंगे किसी ने नही सोंचा था। पर 3 लाख के कर्ज ने उन्हें बेबस कर दिया। दरअसल में शहर से लगे सिंघोला में अधेड़ साहू दंपती ने कर्ज से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों का शव शनिवार को खेत में एक ही रस्सी पर फंदे से लटका मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लेकिन मृतक के छोटे भाई ने बताया कि दोनों कर्ज की वजह से परेशान थे। 58 वर्षीय धनुष साहू और 54 वर्षीय उनकी पत्नी सोना बाई का शव फंदे पर लटका मिला। दोनों ने एक ही रस्सी से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
बताया गया कि धनुष साहू एक निजी स्कूल का ऑटो चलाते थे, लेकिन कोरोना की पहली लहर और लॉकडाउन के दौरान उनका काम बंद हो गया। इसके बाद दोबारा उन्हें काम पर वापसी की कोई उम्मीद नहीं दिखी। इसी दौरान धनुष ने कर्ज लेकर अपने खेत में मछली पालन के लिए तालाब खुदवाना शुरू किया था। उन्होंने मछली पालन के लिए 5 लाख रुपए के लोन की अर्जी भी लगा रखी थी, लोन पास होने की उम्मीद पर उन्होंने अपनी दो बेटियों के ससुराल पक्ष से करीब 3 लाख रुपए का कर्ज भी ले लिया। लेकिन अचानक ही उनका लोन पास नहीं हो पाने की खबर मिली। बेटियों के ससुराल से लिए उधार पैसों को चुकाने को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई। इसी परेशानी के चलते धनुष और उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आखिरी बार छोटे भाई को फोन कर बताया, समधियों से जो 3 लाख रुपए की मदद ली वो चुका नहीं पाने से दुखी हूं

रोते हुए भाई से फोन पर कहा, लोन पास नहीं हुआ

धनुष के भाई दशरथ नागपुर में काम करते हैं। धनुष ने शुक्रवार की रात करीब 9 बजे उन्हें फोन लगाया। दशरथ ने बताया कि तब धनुष काफी रो रहे थे। धनुष ने बताया कि उसने लोन पास होने की उम्मीद में कर्ज लेकर बोर खनन कराया, लेकिन लोन पास नहीं हो रहा। इसी के चलते दोनों बेटियों के ससुराल पक्ष से मदद के लिए 3 लाख रुपए मांगे हैं। धनुष बता रहे थे कि लोन पास नहीं हुआ, अब कर्ज कैसे चुकाएंगे। करीब घंटेभर हुई बातचीत के अंतिम समय में बेटियों के ससुराल से लिया मदद चुका देने की मिन्नत ही करते रहे।

जमीन बेचकर कर्ज चुकाना चाहता था बेटा

सीएसपी लोकेश देवांगन ने स्थानीय मीडिया को बताया कि परिवार में कर्ज के चलते विवाद होने की भी जानकारी मिली है। धनुष का बेटा जमीन बेचकर घर में हुए कर्ज को चुकाना चाह रहा था पर धनुष जमीन बेचने के खिलाफ थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। धनुष व उनकी पत्नी सोना बाई नहीं चाहते थे कि बची हुई जमीन को बेचा जाए। इससे उनके बच्चों के सामने जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो जाता।

जहां तालाब की खुदाई वहीं बिता रहे थे रात

धनुष अपने खेत में जहां मछली पालन के लिए तालाब खुदवा रहे थे, वहीं कुछ दिनों से रात बिताते थे। परिजनों ने बताया कि पूरे दिन धनुष सिर्फ कर्ज चुकाने को लेकर भी परेशान रहते थे। काम शुरू करने के पहले उन्हें 5 लाख रुपए तक का लोन मिल जाने का भरोसा मिला था। जिससे उन्होंने जोखिम उठाकर काम शुरू किया था । तालाब किनारे बने झोपड़ीनुमा मकान में अपनी पत्नी के साथ रात में वहीं रहते थे। शुक्रवार रात भी दोनों वहीं भोजन कर अपने छोटे भाई से बात करने के बाद सोए थे। लेकिन सुबह दोनों का शव फंदे से लटका मिला।

काम बंद होने से टूटने लगे

ग्रामीणों ने बताया कि धनुष काफी मेहनती व्यक्ति थे। इस उम्र में भी वे ऑटो चलाया करते थे। निजी स्कूल में ऑटो चलाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने में लगे रहते थे। लेकिन पहले लॉकडाउन से ही स्कूल बंद हा़े गए और ऑटो चलाने का काम भी छिन गया। धनुष मानसिक रुप से टूटते चलते गए। उन्होंने मछली पालन की शुरुआत अपने खेत में करने कदम उठाया था जिसके लिए अपने समधियों से सहयोग मांगा था।

अंत्येष्टि हुई, अब बेटों से बयान लेगी पुलिस
धनुष व सोना बाई के दो बेटे हैं। दोनों भी खेती का काम ही संभालते हैं। माता पिता के आत्महत्या से दोनों भी स्तब्ध हैं। शनिवार को पीएम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार किया गया । परिवार में शोक की स्थिति को देखते हुए सुरगी पुलिस ने पूछताछ नहीं की है। शोक कार्यक्रम पूरा होने के बाद पुलिस उनके दोनों बेटों से पूछताछ करेगी । इधर साहू दंपती की मौत के बाद गांव में भी मातम का माहौल है। लोग घटना से स्तब्ध हैं।

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