विश्व पर्यावरण दिवस पर मिडिल स्कूल माटकसा की शिक्षिका ज्योति उके द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन



कोरोना काल में भी बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने मोहला वनांचल में किये जा रहे नवाचारी प्रयास

मोहला

कोरोना महामारी में बच्चों को सुरक्षित और नियमित पढ़ाई से जोड़े रखने के उद्देश्य से राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित मोहला ब्लॉक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सहयोग और मार्गदर्शन से शिक्षकों द्वारा बहुत ही सक्रियता और अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए बहुत से नवाचारी प्रयास किये जा रहे है। इसी कड़ी में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मोहला ब्लॉक के अंतिम छोर में बसे शेरपार संकुल के अंतर्गत आने वाले मिडिल स्कूल माटकसा की नवाचारी शिक्षिका ज्योति उके द्वारा ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शाला के खारुन टांडिया, गामिनी आर्या, जनव्ही तुमरेटी, नम्रता सोरी, पंकज रावटे, रुचि वर्मा, नीलम, ओमेश्वरी और भी दूसरे बच्चों ने अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पर्यावरण संरक्षण के संदेश देते हुए बहुत ही आकर्षक ड्राइंग बना कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शाला की शिक्षिका ज्योति उके ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण विगत डेढ़ सालो से स्कूल बंद है ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इस कारण वो किसी न किसी माध्यम से बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने की कोशिश कर रही है। ज्ञात हो कि मोहला ब्लॉक का मिडिल स्कूल माटकसा अपने नवाचारी प्रयासों के कारण अपनी एक अलग पहचान रखता है। विश्व पर्यावरण दिवस पर मिडिल स्कूल माटकसा की शिक्षिका ज्योति उके द्वारा ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किये जाने पर एपीसी सतीश ब्यौहरे, बीईओ रोहित कुमार अम्बादे, एबीईओ राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा, संकुल समन्वयक प्रदीप मंडावी, शाला प्रमुख जगत राम साहू, मीडिया प्रभारी शेख अफ़ज़ल ने खुशी व्यक्त करते हुए शिक्षिका ज्योति उके के प्रयासों की तारीफ की है। इस तरह से हम देखते है कि मोहला ब्लॉक के शिक्षको ने अपने नवाचारी प्रयासों से इस विपरीत परिस्थिति में भी बच्चों को सुरक्षित और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने में कामयाब रहे है।

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