बालोद : अर्जुन्दा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोडेना के सरपंच रोशनी साहू पति हिंसाराम साहू की दादागिरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सरपंच द्वारा मनमानी करते हुए मनरेगा कार्य की आड़ में गांव में तालाब किनारे के 10 से 12 पेड़ों को अवैध तरीके से कटवा दिया गया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद राजस्व विभाग ने उन पेड़ों की जब्ती भी बना ली है। पर जब इस मामले की जानकारी मीडिया को लगी और एक मीडिया कर्मी गांव में इसकी न्यूज़ कवर करने के लिए पहुंचा तो वहां सरपंच द्वारा मीडिया कर्मी के साथ अभद्रता भी कर दी गई। इसकी शिकायत मीडिया कर्मी योगेंद्र उके ने अर्जुंदा थाने में भी की है। सरपंच की दबंगई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह मीडिया कर्मी को पहले तो बकायदा घर पर बात करने के लिए बुलाती है फिर उसे उठवा देने तक की धमकी देती है। कहती है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मेरा सबसे पहचान है। जो करना है कर लो। मेरे पंचायत क्षेत्र में आकर फोटो खींचने का अधिकार तुम्हें किसने दिया। इधर मामले में पटवारी शोभित सिन्हा का कहना है कि बिना अनुमति के दो बबूल और तीन गंगा इमली पेड़ की कटाई की गई है ।अवैध तरीके से कटाई हुई है ।जिसकी शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार ममता टावरी स्वयं निरीक्षण के लिए गई थी। वही उनके निर्देश पर हमने कटे हुए पेड़ों की जब्ती भी बनाई है। सरपंच की निगरानी में यह कार्य हुआ है। जो गलत है। इसके पहले भी 15-16 पेड़ों की कटाई उक्त सरपंच द्वारा करवाया गया था। जो कि अवैध था। उसकी भी जब्ती बनाकर स्कूल परिसर में रखा गया है। तो वहीं इस अवैध कटाई का केस कोर्ट में भी लंबित है। लगातार सरपंच द्वारा इस तरह से अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। जो ठीक नहीं है। हमने इस बार की शिकायत पर भी कार्रवाई की है।
वही गौर करने वाली बात यह है कि पटवारी जहां जब्त पेड़ों की संख्या पांच बता रहे हैं जबकि वहां 10 से 12 पेड़ काटे गए थे तो बाकी पेड़ कहां गए यह भी एक सवाल बना हुआ है
सरपंच की कार्य प्रणाली से ग्रामीणो में दहशत

पूरे गांव में सरपंच की उक्त कार्य प्रणाली से दहशत का माहौल भी छाया हुआ है। जिसके कारण से कोई भी व्यक्ति सरपंच से किसी मामले में भी बात करने से कतराते है और अब तो हद ही हो गई प्रतिदिन की भांति एक समाचार के पत्रकार योगेन्द्र ऊके पेपर वितरण के लिए ग्राम बोडेना पहुंचे तब वहां के एक व्यक्ति के द्वारा सूचना मिला कि सरपंच के द्वारा अवैध रूप से लकड़ी कटाई का कार्य किया जा रहा है। जिसे देखने के लिए वह घटनास्थल पर पहुंचा। वहां जाकर उन्होंने देखा कि कई पेड़ कटा हुआ है। जिसको देखकर उन्होंने अपने मोबाइल फोन से उनका फोटो लिया। फिर वही एक व्यक्ति यह सब देख रहा था और तुरंत ग्राम के सरपंच को इसकी सूचना दे दिया कि एक पत्रकार के द्वारा फोटो खींचा जा रहा है।
उसके पश्चात गुस्से से बौखलाई सरपंच रास्ते पर ही उस पत्रकार का इंतजार कर रही थी। जैसे ही वह पत्रकार वापस आया।
सरपंच ने चलो भाई घर में बात करते हैं कह कर उस पत्रकार को अपने घर बुलाया और उन्हें बड़े अधिकारियों का धौस दिखाते हुए बहुत गाली गलौज किया। साथ ही अपना पहचान कलेक्टर ,एसडीएम ,तहसीलदार, आर आई ,पटवारी ,थाना प्रभारी सभी के साथ है कह कर बताने लगी। साथ ही उन्होंने पत्रकार को उठा देने की बात भी कही और कहने लगी मैं इस गांव की सरपंच हूं। मेरे गांव में तुम्हें फोटो खींचने का अधिकार किसने दिया। मेरे इस गांव में कितनी चलती है कि अगर मेरे खिलाफ कुछ भी छापा तो तुम्हारे लिए बिल्कुल अच्छा नहीं होगा। इन सब स्थिति को देखते हुए पत्रकार योगेश ऊके ने अर्जुंदा थाना में आकर उनकी शिकायत अर्जुंदा थाना में किया। थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू ने आश्वासन दिया है कि उनके खिलाफ जांच करने के पश्चात कार्यवाही की जाएगी।
क्या है पूरा मामला जाने-
सरपंच की दबंगई के चलते ग्रामीण हुए परेशान

इन दिनों जहां एक ओर हजारों लाखों लोग ऑक्सीजन के लिए तड़प तड़प कर मर रहे हैं वहीं दूसरी ओर चंद पैसों के खातिर पर्यावरण को पूरी तरह से तबाह करने में लगे हुए है और बेतरतीब तरीके से पौधों की कटाई कर रहे हैं। जिसे देखकर आपकी आंखों में पानी आ जाएगा। लगातार आज गांव में सरपंचों के द्वारा पेड़ों की कटाई का मामला लगातार सुनने में आता है। वहीं एक ऐसा भी मामला है जो ग्राम भरदा कला से लगे महज 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम बोडेना की है। सरपंच के द्वारा कई पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। जिसमें वह जब से सरपंच बनी है तब से लेकर अब तक अपने सरपंच के कार्यकाल में सैकड़ों पौधे कटवा चुकी है। जिसमें पहले नर्मदा मैदान और स्कूल से लगे तालाब पार में लगे पौधों को कटवाने का मामला सामने आया था। इसी तरह सैकड़ों पौधे सरपंच के द्वारा कटवाया गया था। जिसमें तहसीलदार और पटवारी के माध्यम से सभी पेड़ों को जप्त कर लिया गया था। वही कुछ दिन पहले तालाब पार मे लगे पौधों को कटवा दिया गया।
तहसीलदार ने कहा नही ली गई अनुमति
तहसीलदार ममता टावरी व पटवारी शोभित सिन्हा ने कहा सरपंच के द्वारा उनसे कोई वैध अनुमति नही लिया गया था। ना ही सरपंच के द्वारा उन्हें कोई भी जानकारी नहीं दिया गया था। इसलिए राजस्व विभाग ने लकड़ियों की जब्ती बनाई।
