जगन्नाथपुर में रिटायर्ड प्रधानपाठक की कोरोना से मौत, अस्पताल पहुंचते ही एंबुलेंस में आई हिचकी और चल बसे, गुरुर कॉलेज के प्राचार्य भी नही रहे



बालोद। जगन्नाथपुर के रिटायर्ड प्रधान पाठक मुरली ठाकुर उम्र 65 साल की कोरोना के कारण शनिवार को मौत हो गई। उनका इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा था। लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें शनिवार को दोपहर 1 बजे संजीवनी 108 बुलाकर पाकुरभाट शिफ्ट किया जा रहा था। पर कोविड- सेंटर पाकुरभाट पहुंचने के पहले ही 108 में ही उनकी मौत हो गई। 108 में अपने पिता के साथ बैठे पुत्र प्रमोद ठाकुर ने बताया कि पिता का ऑक्सीजन लेवल अप डाउन हो रहा था। मैंने 108 के कर्मियों को भी कहा कि उन्हें ऑक्सीजन चढ़ा दीजिए। जब उन्हें एंबुलेंस पर बैठाया गया तो पिताजी खुद चल कर बैठे। तो इस बात पर संजीवनी एंबुलेंस के कर्मचारियों ने कहा कि वे तो अभी ठीक लग रहे हैं। ऑक्सीजन चढ़ाने की जरूरत नहीं है और बिना आक्सीजन के ही पिता को एंबुलेंस में पाकुरभाट ले जाने लगे। लेकिन पाकुरभाट पहुंचते ही उन्हें हिचकी आई और थोड़ी देर बाद एंबुलेंस में ही उनकी मौत हो गई। परिवार में उनका छोटा भाई भी कोरोना पॉजिटिव है। जो होम आइसोलेशन पर है। सरपंच अरुण साहू ने कहा कि वर्तमान में गांव में 4 से 5 कोरोना के मरीज है। एक का इलाज रायपुर में चल रहा है तो तीन से चार अन्य मरीज होम आइसोलेशन पर हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि सावधानी बरतें। लापरवाही ना करें। स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है। यह गांव में कोरोना से पहली मौत है। इससे सबक लेते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील भी की जा रही है।

कॉलेज के प्राचार्य का कोरोना से निधन, लोगों ने दी श्रद्धांजलि

गुरुर। शासकीय नवीन महाविद्यालय गुरूर के प्राचार्य डॉ. जे.एल. बघेल का आकस्मिक निधन शनिवार को कोरोना से हो गया। इस निधन पर शिक्षा जगत से जुड़े हुए लोगों व उनसे घनिष्ठ संबंध रखने वाले लोगों ने श्रद्धांजलि व्यक्त की। वहीं अन्य शिक्षकों व बच्चों ने भी श्रद्धांजलि दी। शिक्षकों व नगर वासियों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया तो वही कॉलेज प्रबंधन के लिए भी यह बड़ी क्षति है। उनके नेतृत्व में गुरुर कालेज को लगातार कई उपलब्धियां हासिल हो रही थी अब उनकी कमी कॉलेज प्रबंधन को बहुत खलेगी।

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