अतीत के अंश-तो क्या पूर्व सीएम रमन सिंह के खिलाफ होगा मामला दर्ज? आय से अधिक संपत्ति का पढ़िए पूरा मामला, किसने की थी शिकायत तो कितनी है उनकी संपत्ति



रायपुर। कहा जाता है अतीत कभी पीछा नहीं छोड़ती। कभी ना कभी अतीत से हमारी जिंदगी में दोबारा सामने हो ही जाता है। ऐसा कई लोगों के साथ होता है तो क्या पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ भी ऐसा हो रहा है। जो उनके खिलाफ अब आय से अधिक संपत्ति रखे जाने का मामला फिर से सामने आया है। जो शिकायत पहले हुई थी उस पर उस समय तो कार्रवाई ही नहीं हुई थी लेकिन अब जाकर पीएमओ ऑफिस से प्रदेश सरकार को चिट्ठी आई है जिससे रमन सिंह घिरते नजर आ रहे हैं। अब सवाल ये है क्या इस बार इस मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह पर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई। अब प्रदेश सरकार के पास दिल्ली से इस शिकायत को ट्रांसफर कर उचित कदम उठाने को कहा गया है। शिकायतकर्ता विनोद तिवारी ने मंगलवार को ई-मेल के जरिए मुख्य सचिव ने इस मामले में अब तक हुई कार्यवाही की जानकारी मांगी है। गृह मंत्रालय से रमन सिंह के खिलाफ शिकायत का पत्र 5 अप्रैल को प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को भेजा गया था।

क्या हो सकता है केस दर्ज

शिकायतकर्ता विनोद तिवारी ने मीडिया को बताया कि 5 अप्रैल से मुख्य सचिव के पास पूरे मेरे द्वारा PMO को दिए तथ्य और पत्र भेजे गए हैं। इसे देखकर प्रदेश सरकार को कार्यवाही के लिए दस्तावेज भेजे गए हैं। मुझे उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्य सचिव इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करेंगे। मैंने ई-मेल भेजकर उनसे कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की पूछताछ वगैरह के लिए मैं उपलब्ध हो सकता हूं। इस मामले में जल्द ही केस भी दर्ज हो सकता है। अप्रैल महीने के आखिर में इस मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट में भी सुनवाई होनी है।

यह है पूरा मामला ध्यान से पढ़िए

4 अगस्त साल 2020 में कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से डॉक्टर रमन सिंह और उनके बेटे अभिषेक सिंह की शिकायत की थी। तब PMO ने शिकायत रजिस्टर कर केस अवर सचिव को ट्रांसफ़र कर दिया था। विनोद ने कहा कि डाक्टर रमन सिंह छत्तीसगढ़ राज्य के 2003 से 2018 तक मुख्यमंत्री रहे। 1998 का चुनाव हारने के बाद रमन सिंह कर्ज में थे फिर 2003 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने 2018 तक मुख्यमंत्री के पद पर रहे इनके परिवार के पास कोई खास आय का स्रोत नहीं है। मगर चुनावी शपथ पत्र में सोना, जमीन, नगद बैंक FD की जानकारी दी थी। मगर ये सब आया कहां से इसकी जानकारी नहीं है।

रमन के दस्तावेज के मुताबिक करीब 10 करोड़ की संपत्ति

तत्कालीन चुनाव के समय नामांकन पत्र के साथ दी गई जानकारी में डॉ. सिंह ने करीब 10 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति की जानकारी दी थी। इसमें छह कराड़ 41 लाख रुपये की अचल साथ चार करोड़ 31 लाख 35 हजार की चल संपत्ति भी शामिल है। 24 अक्टूबर 2013 से लेकर 23 अक्टूबर 2018 के बीच संपत्ति का ब्योरा दिया था। साल 2013 में मुख्यमंत्री के पास तीन करोड़ 33 लाख 55 हजार रुपये की अचल संपत्ति थी, जो 2018 में बढ़कर छह करोड़ 41 लाख रुपये की हो गई है। वहीं चल संपत्ति दो करोड़ 28 लाख 15 हजार रुपये की थी, जो साल 2018 में बढ़कर चार करोड़ 31 लाख 35 हजार रुपये की हो गई।
वीणा सिंह के पास 11 लाख का हीरा

मुख्यमंत्री की पत्नी वीणा सिंह के पास करीब 11 लाख का हीरा है। साथ ही 235 तोला सोना के साथ ही 18 किलो चांदी भी है। रमन के पास चार किलो चांदी के अभूषण व अन्य सामान है।

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