बालोद – भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण मंडल बालोद द्वारा बालोद विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामों की निरीक्षण में पता चला कि इस कोरोना काल मे राज्य सरकार पूरी तरीके से फेल है क्योंकि जो व्यवस्था जमीन तक पहुंचने चाहिए वह मात्र कागजों में या तो कहें मात्र कांग्रेसी नेताओं, मंत्री या मुख्यमंत्री के मुंह जुबानी ही है। इस कोरोना काल की तैयारी जिसमें मजदूरों के लिए क्वॉरेंटाइन सेंटर ,गांव तक वैक्सीन पहुंचाने का काम या अभी जिनका कोरोना जांच हो रहा है उनका रिजल्ट आने में जो लेट लतीफ एक-दो दिन ही नहीं बल्कि 15 दिन 20 दिन लग जा रहा है, इन सब समस्या को देखने में ऐसा लगता है कि राज्य सरकार कहीं ना कहीं इस कोरोना समस्या के सामने बेबस नजर आ रही है। समस्त पंचायतों की स्थिति को जानने पर पता चलता है सरकार आधी अधूरी व्यवस्था भी नहीं कर पाई। ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू निवासी घुमका ने बताया कि गांव की स्थिति आज बहुत खराब हो चुकी है। पंचायत के माध्यम से किसी भी प्रकार की विकास कार्य नहीं हो रही है और ना ही कोई उचित व्यवस्था शासन का जमीनी स्तर पर दिखाई पड़ रही है।

महामंत्री दानेश्वर मिश्रा का कहना है कि इस कोरोना काल में शासन पूरी तरीके से फेल नजर आ रही है। मात्र सभाओं में या दूसरे राज्य जाकर के सभा करने मात्र से कुछ नही होता कि छत्तीसगढ़ विकास की ओर अग्रसर है। उसे जमीन पर उतारना बहुत जरूरी है। लगता है कि कांग्रेसी सरकार पूरी तरीके से फेल है।

महामंत्री बिरेन्द्र साहू का कहना है कि हमारे बालोद ब्लाक में लगभग 110 गांव आते हैं। सरकार की व्यवस्था कहीं पर भी सुचारू नजर नहीं आती और ऐसे समय में सरकार जब आम जनता की दुख और दर्द को ना समझ पाए तो फिर ऐसे सरकार को रहने का कोई आवश्यकता नहीं। इसे तत्काल इस्तीफा दे देनी चाहिए। जहां हम 10 -12 की संख्या एकत्रित हो जाएं तो दिक्कत होती है। वहीं ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय मैच कराना बहुत ही खराब निर्णय सरकार की कही जा सकती है और कहीं ना कहीं इसमें राज्य सरकार विफल हुई है। सरकार दावा करती है कि हर प्रत्येक पंचायत में क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था है। हॉस्पिटलों में कोरोना टेस्ट किट की व्यवस्था है। टीकाकरण की व्यवस्था है। पर हकीकत में वह नजर नहीं आती और आम जनता को जो राहत सरकार को करनी चाहिए वह नहीं कर पा रही है। इस लचर व्यवस्था से ऐसा लगता है कि कांग्रेस की सरकार पूरी तरह विफल है और शासन-प्रशासन पूरा ढीला पड़ चुका है।
