Big News-बालोद जिले का यह बुजुर्ग हुआ नागपुर के सरकारी कोविड अस्पताल से गायब, 1 अप्रैल से था भर्ती, 9 अप्रैल से ढूंढ रहे परिजन, अस्पताल प्रबंधन के पास कोई जवाब नहीं पढ़िए लापरवाही का ये बड़ा मामला



बालोद/दल्ली राजहरा। बालोद ब्लॉक के ग्राम हथौद (करहीभदर) गांव जहां पर चुनाव के दौरान कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ था, इस गांव का रहने वाला एक बुजुर्ग शख्स भूखन लाल उम्र 68 साल नागपुर के सरकारी अस्पताल (मेयो हॉस्पिटल) से लापता हो गया है। उन्हें इस कोविड अस्पताल में इलाज के लिए परिजनों ने भर्ती करवाया था। 1 अप्रैल से भर्ती थे। 9 अप्रैल से वह लापता है। जिसकी अब तक कोई खबर नहीं मिल पाई है। तो वहीं अस्पताल प्रबंधन के पास इसका कुछ जवाब नहीं है। अस्पताल प्रबंधन कह रहा है कि हमने उन्हें मेयो अस्पताल से दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया था। पर वे दूसरे अस्पताल में भी नहीं है। इस पर परिजन सवालात उठा रहे हैं। दरअसल में लापता बुजुर्ग भूखन लाल दल्ली राजहरा के नगर पालिका उपाध्यक्ष व आप के नेता संतोष देवांगन के बड़े पिताजी हैं। संतोष देवांगन ने आरोप लगाया है कि यह अस्पताल प्रबंधन व वहां के प्रशासन की बड़ी लापरवाही है जो उनके बड़े पिता को अब तक ढूंढ नहीं पा रहे हैं। वे लापता है या उनके साथ कुछ हुआ है कोई जानकारी स्पष्ट नहीं है। अगर इसी तरह देरी की गई तो हम उग्र कदम उठाएंगे। गरीबी के चलते उनके बड़े पिताजी का परिवार कुछ सालों से नागपुर में पलायन करके वहां काम करके जीवन यापन करते हैं। उनके बड़े पिता के पास मोबाइल तक नहीं है। जिससे उनके बेटे उनसे संपर्क करते। बुखार आने पर अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती करवाकर उनके बेटा कुछ सामान लाने घर गया था। जब 8 तारीख को वह उनसे मिलने के लिए आया तो मुलाकात नहीं हुई। इसके पहले भी अस्पताल वाले उन्हें गुमराह व गोलमोल बात कर मिलने से मना करते रहे। फिर एक दिन सीनियर डॉक्टर द्वारा कहा गया कि उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है। जब दूसरे अस्पताल जाकर देखें तो वहां भी नहीं मिला। चार से पांच अस्पतालों में ढूंढ लिए पर कहीं कुछ हासिल नहीं हुआ। अब सवाल यही उठता है कि आखिर वह गए कहां? किसकी लापरवाही से लापता हुए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन उन्हें गुमराह कर रहा है। परिजनों को डर है कि कहीं लापता मरीज के साथ कोई अनहोनी ना हुआ हो। तो वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार में रोजगार की कमी है और इसी के चलते आज भी ग्रामीण क्षेत्र से लोग महाराष्ट्र के कई शहरों में पलायन करते हैं। उनके बड़े पिता का परिवार भी इसी बेरोजगारी और गरीबी का दंश झेलते हुए पलायन कर गया था। लेकिन आज उनके साथ यह सब हो रहा है। आखिर इन सब का जिम्मेदार कौन है?

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