बालोद । हेमचंद यादव विश्विद्यालय दुर्ग के अंतर्गत बालोद जिला राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ स्वयंसेवकों के सहयोग से पशु पक्षी संरक्षण अभियान चलाए जा रहा है। जिसमें जिले के 11 महाविद्यालय,18 स्कूल के स्वयंसेवक एवं वरिष्ठ स्वयं सेवक ने पक्षियों के लिए अपने घर के छत में दाना तथा पानी की व्यवस्था कर दुसरों को जागरूक करते हुए इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

वरिष्ठ स्वयंसेवको ने बताया कि आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ समस्याएं और विकराल हो सकती है। पशुओं और पक्षियों के पीने के पानी आदि की व्यवस्थाएं परंपरागत तालाब, पोखरों पर निर्भर रहीं हैं, पर तालाब, पोखरों के सूखने से यह व्यवस्थाएं धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं। ग्रामीण अंचल में कहीं-कहीं यह व्यवस्था है भी तो नगरीय क्षेत्रों में इनका सर्वथा अभाव हो गया है। प्रशासन की ओर से नहरों और नलकूपों के माध्यम से तालाबों, पोखरों के भरे जाने का प्रयास किया जा रहा है, पर गर्मी के तालाब, पोखरों में भरा पानी तेजी सूख जाता है। पालतू पशुओं के पीने की व्यवस्थाएं पशुपालक कर लेते हैं, किन्तु स्वच्छंद विचरण करने वाले पशुओं एवं पक्षियों के पीने के पानी की व्यवस्था नहीं हो पाती है। इसलिए हम सभी का मानवता के नाते इन पशु-पक्षियों के लिए अपने घर के छत तथा बालकनी मे मिट्टी के बर्तन तथा किसी प्लास्टिक के बर्तन में पानी तथा उनके लिए दाना का व्यवस्था कर सकते हैं।

इस हेतु अनुपयोगी समान का उपयोग में किया जा रहा है, जैसे घर में प्याला, प्लास्टिक, बोलताल, नारियल की खोपड़ी, कप आदि का उपयोग कर रहे जिससे हमारा पैसा दुरुपयोग नही होगा।

साथ ही कोविड-19 से जुड़े शासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करते हुए सभी स्वयं सेवक इस अभियान को 2 गज की दूरी बनाकर तथा घर पर ही रह कर अपने अपने घरों से शुरुआत करके लोगों को बता रहे हैं और इसे पालन करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक भी कर रहे हैं।

इस अभियान में वरिष्ठ स्वयं सेवक मनोज साहू राष्ट्रपति पुरस्कृत सत्येंद्र साहू और राकेश साहू साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य से पुरस्कृत कौशल गजेंद्र तथा हाल ही में बालोद जिला से वरिष्ठ स्वयं सेवक सम्मानित धनेश्वर साहू, टिकेश्वर के निर्देशन में हुआ। स्वयं सेविका मनीषा राणा, शिवानी साहू,आमीन श्वेता, गीतांजलि, गंगोत्री के नेतृत्व में किया जा रहा है।
