बालोद/ दुर्ग। दुर्ग जिले के कलेक्टर द्वारा लॉकडाउन का आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी कलेक्टर अपने अपने जिले की स्थिति के अनुसार लॉकडाउन को लेकर फैसले लेंगे। दुर्ग कलेक्टर द्वारा लॉकडाउन को लेकर आदेश जारी किए जाने के बाद अब पड़ोसी जिलों में हलचल शुरू हो गई है। बालोद, धमतरी, राजनांदगांव को लेकर जब हमने वहां की स्थिति के बारे में जानकारी ली तो अलग-अलग बातें सामने आई। बालोद की तरह धमतरी जिले में भी पिछले दिनों दुकान खोलने को लेकर समय तय किए गए हैं तो वही राजनांदगांव में स्थिति बिगड़ रही है। संभावना है कि आने वाले कुछ दिनों में राजनांदगांव में भी लॉक डाउन हो सकता है। अब बात करते हैं मूल रूप से बालोद की। जब हमने यहां के कलेक्टर जन्मेजय महोबे से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि फिलहाल लॉकडाउन तो नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति बालोद में नहीं आई है कि लॉकडाउन करना पड़े। जब भी कुछ आदेश होगा हम जरूर बताएंगे। कलेक्टर के उक्त बातों से स्पष्ट है कि बालोद जिले में फिलहाल लॉकडाउन नहीं हो रहा है। लेकिन सुरक्षा को लेकर जो नियम लागू किए गए हैं उनका पालन सख्ती से करवाया जाएगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अनुमान है कि सोमवार को पूर्व में जारी आदेशों में संशोधन करके नया आदेश भी जारी हो सकता है। जिसमें गाइडलाइंस में फेरबदल भी हो सकते हैं तो वहीं सख्ती भी बढ़ सकती है।
क्या है दुर्ग कलेक्टर का आदेश
: दुर्ग जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुये जिला प्रशासन ने 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण जिले में लॉकडाउन का निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले में संक्रमण के तेज प्रसार को नियंत्रित करने यह बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना की गतिशीलता को नियंत्रित किया जाए। इसके लिए नागरिकों का सहयोग बेहद जरुरी है। पूर्व में जिले में लॉक डाउन लगाए गए थे और जन सहयोग से कोरोना की पहली लहर को रोक पाने में सफलता मिली थी। इस बार भी कोविड संकट के दौर में धैर्य की जरूरत है ताकि कोविड संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहें, सुरक्षित रहें। पिछली बार की तरह हमने लॉक डाउन में सम्पूर्ण संयम का परिचय दिया तो कोविड की गंभीरता से पूरी तरह से बच सकेंगे। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नजदीकी टीकाकरण केंद्र पहुंचकर टीका लगवाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के लक्षण उभरते ही टेस्ट कराएं। साथ ही पॉजिटिव आने पर चिकित्सक की सलाह पर कार्य करें। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने पर भी टेस्ट कराएं। पॉजिटिव मरीजों के आइसोलेशन का पूरा ध्यान रखें।कलेक्टर ने कहा है कि जिले के समक्ष यह कठिन परिस्थिति है। यदि इस समय पूरे संयम और दृढ़ता से इस परिस्थिति का मुकाबला किया तो निश्चय ही हम अपने परिवारजनों और प्रियजनों को इस विपदा से सुरक्षित रख सकेंगे।
इधर छत्तीसगढ़ के 5 सैंपल्स में नए कोरोना वैरिएंट की पुष्टि
संभावना जताई जा रही है कि दुर्ग के अलावा अगले एक-दो दिनों में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा जैसे जिलों में एक निश्चित अवधि का या सप्ताहांत का लॉकडाउन घोषित हो सकता है. प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया लॉकडाउन में भी कोरोना टीकाकरण का काम जारी रहेगा. इसके लिए व्यवस्था की जाएगी. छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक और चिंताजनक खबर आई है. अब तक 5 नमूनों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है. इसे N-440 नाम दिया गया है. प्रदेश में अब तक ब्रिटिश वैरिएंट, साउथ अफ्रीकन वैरिएंट और ब्राजीलियन वैरिएंट का एक भी मामला सामने नहीं आया है.